किस्को (लोहरदगा): पेशरार प्रखंड के सिरम पंचायत में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल की गई. झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के तत्वावधान में महिलाओं के लिए साबुन निर्माण प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. इसमें कोलकाता से पहुंचे प्रशिक्षक इंदिराशीश डे ने महिलाओं को हाथ से साबुन बनाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी. साथ ही साबुन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के सही अनुपात और गुणवत्ता बनाए रखने के तरीके भी बताए.
कम लागत में साबुन तैयार कर आय बढ़ाने की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान इंदिराशीश डे ने बताया कि वन उपज और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर कम लागत में गुणवत्तापूर्ण साबुन तैयार किया जा सकता है. उन्होंने साबुन को बाजार में बेचकर इसे आय के स्थायी स्रोत के रूप में विकसित करने के तरीकों की भी जानकारी दी. महिलाओं को निर्माण से लेकर गुणवत्ता बनाए रखने तक की बारीकियां समझायी गई.
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वन उपज से आर्थिक लाभ लेने के तरीके बताए
कार्यक्रम के दौरान वनाश्रित समूह का गठन भी किया गया. ग्रामीणों को वन उपज से आर्थिक लाभ लेने के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. बताया गया कि जंगल पर निर्भर समुदाय वन संसाधनों का संरक्षण करते हुए उनका उपयोग अपनी आजीविका मजबूत करने के लिए कर सकते हैं. इस अवसर पर झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के जिला प्रभारी अलेक्स टोप्पो, प्रखंड प्रभारी शिवशंकर टाना भगत, बिफई भगत, अभिषेक किंडो समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
पांच गांवों की महिलाओं ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण शिविर में अम्बापावा, बरवाडीह, जमडीह, पहाड़गिर और सिरम गांव की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इनमें सरिता कुमारी, रीता उरांव, प्रियंका उरांव, निर्मला उरांव, सुनीता उरांव, सुमित्रा देवी, कांति कुजूर, चित्रलेखा देवी, मानती देवी, सरिता उरांव, आरती पहाड़िया, सांवली उरांव, आरती खेरवार, पूनम उरांव, पुनी उरांव, गुड़िया उरांव, मनीता उरांव, पुष्पा उरांव, रविता उरांव, आरती उरांव, पूजा कुमारी, विनीता उरांव सहित अन्य ग्रामीण महिलाएं शामिल थी.
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