कुड़ू. 15वें वित्त आयोग की राशि से पंचायतों में आरसीसी बेंच खरीदने में गंभीर अनियमितताओं का आरोप सामने आया है. सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि राशि का उपयोग वार्षिक कार्य योजना और ग्राम सभा से पारित योजनाओं के अनुसार किया जाये, लेकिन पंचायतों में इन नियमों की अनदेखी की गयी. न तो लाभुक समिति का गठन हुआ और न ही ग्राम सभा आयोजित की गयी. पंचायत मुखिया ने सीधे अपने करीबियों और पसंदीदा वेंडर्स को कार्य आदेश दे दिया. वेंडर्स द्वारा लगाये गये बेंच मानक के अनुरूप नहीं थे, जिसके कारण छह से सात माह के भीतर ही उनमें दरारें और टूट-फूट शुरू हो गयी. बाजार में तीन हजार रुपये में उपलब्ध बेंच के लिए विभिन्न पंचायतों में सात हजार से चौदह हजार रुपये तक भुगतान किया गया. सवाल यह उठता है कि एक ही प्रकार के बेंच के लिए अलग-अलग राशि का भुगतान किस आधार पर किया गया. मामले को गंभीर मानते हुए प्रखंड सांसद प्रतिनिधि ने उपायुक्त से जांच की मांग की है. वहीं प्रभारी बीडीओ सह सीओ ने भी कहा है कि मामले की जानकारी मिली है और उपायुक्त को पत्राचार कर जांच करायी जायेगी.
आरसीसी बेंच खरीदने में गंभीर अनियमितता, जांच की मांग
आरसीसी बेंच खरीदने में गंभीर अनियमितता, जांच की मांग
