लोहरदगा़ सांसद सुखदेव भगत एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. मंगलवार को किस्को प्रखंड सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की मैराथन समीक्षा की. इस दौरान सांसद ने दो टूक कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. धरातल पर काम करने की सख्त चेतावनी : सांसद ने बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी सहित शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ आपसी समन्वय बनाकर क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभायें. सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है. अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, अधिकारी कार्यालयों से निकलकर गांवों में जायें और धरातल पर काम करें, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंचेगा. जमीन सर्वे की त्रुटियों और मुआवजे पर उठाये सवाल : बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण, सड़क व पेयजल योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गयी. इस दौरान कई विभागीय कमियां उजागर हुई़ं प्रखंड में इस वर्ष एक भी किसान का सॉयल हेल्थ कार्ड नहीं बनने पर सांसद ने गहरी नाराजगी व्यक्त की. अंचल कार्यालय में 45 म्यूटेशन के मामले लंबित पाये गये, जिनपर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया. जमीन के हालिया सर्वे में बड़े पैमाने पर आयी त्रुटियों का मुद्दा भी बैठक में गूंजा. पाखर तथा देवदरिया में हिंडालको कंपनी द्वारा जमीन मालिकों को अब तक मुआवजा नहीं दिये जाने पर चिंता जतायी गयी. सांसद ने कहा कि कुछ योजनाओं में केंद्र व राज्य स्तर पर फंड आवंटन की समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए वे आवश्यक पहल करेंगे. उन्होंने इस बैठक को प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने और विकास कार्यों में तेजी लाने की दिशा में सकारात्मक बताया. मौके पर जिप सदस्य संदीप गुप्ता, सांसद के पीए आलोक कुमार साहू, सांसद प्रतिनिधि साजिद अहमद चंगू, दयानंद उरांव, नेसार अहमद, शाहिद अहमद वेलू, कमिल टोपनो, मीना देवी, चांदमुनी उरांव, रंथू उरांव, रामदेव उरांव, मो जिलानी, कुद्दूस अंसारी, शनिचरवा उरांव, बबलू खान, मो खुदिया, कुद्दूस दबंग, विजय चौहान, राधेश्याम साहू, सोनू कुरैशी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे.
अधिकारी कार्यालय छोड़कर गांवों में जायें और धरातल पर काम करें : सांसद सुखदेव भगत
अधिकारी कार्यालय छोड़कर गांवों में जायें और धरातल पर काम करें : सांसद सुखदेव भगत
