किस्को़ सरकार भले ही हर घर नल योजना से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा करे, लेकिन परहेपाठ पंचायत के हजारों लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है. किस्को आवासीय विद्यालय के समीप करोड़ों की लागत से निर्मित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तीन वर्ष से खराब पड़ा है. इससे किस्को, गोसाईं टोली और जनवल के हजार से अधिक घरों में जलापूर्ति ठप है. ग्रामीणों ने पीएचडी विभाग और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराया, पर स्थिति जस की तस है. चुनाव के वक्त 15 दिन चला, फिर हुआ खराब : ग्रामीण सुखदेव रजवार, देवानंद साहू और गोविंदा सिंह ने बताया कि पंचायत चुनाव के वक्त जब ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार की चेतावनी दी, तब इसे आनन-फानन में दुरुस्त कर जलापूर्ति शुरू की गयी. लेकिन महज 15 दिन चलने के बाद यह फिर खराब हो गया. आरोप है कि विभाग की लापरवाही से घटिया काम हुआ है. कई जलमीनारें भी बेकार पड़ी हैं. समाधान नहीं होने पर महिलाओं ने पंचायत भवन का घेराव भी किया था. दो किमी दूर जोरी नदी जाने को विवश हैं महिलाएं : मैनपति कुमारी, सत्यभामा देवी, सुषमा देवी सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि गोसाईं टोली में पानी की भारी किल्लत है. जनवल की महिलाएं दो किलोमीटर दूर जोरी नदी जाकर नहाने और कपड़े धोने को विवश है़ं पीने के पानी के लिए दूसरे टोलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. संवेदक को जांच का निर्देश दिया गया है : इस मामले पर पीएचडी के जेइ अमित ठाकुर ने बताया कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को दुरुस्त करने के लिए पत्र जारी किया गया है और संवेदक को जांच का निर्देश दिया गया है.
तीन साल से बंद है किस्को का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग
तीन साल से बंद है किस्को का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग
