लोहरदगा. करम पर्व के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखैर भगत ने गुरुवार को किस्को प्रखंड मुख्यालय स्थित गोसाई टोली अखाड़ा और ग्राम महुगांव में आदिवासी महिलाओं के बीच सांस्कृतिक साड़ियों का वितरण किया. इस दौरान उन्होंने आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था का सम्मान करते हुए ग्रामीणों के साथ करम पर्व की खुशियां साझा कीं.
संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के साथ अटूट रिश्ते का प्रतीक
मौके पर सुखैर भगत ने कहा कि करम पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आदिवासी सभ्यता, संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के साथ अटूट रिश्ते का प्रतीक है. यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, परिवार की खुशहाली और सामुदायिक एकता का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत, नृत्य और अखाड़ा संस्कृति आदिवासी समाज की पहचान और गौरव हैं. सांस्कृतिक साड़ियों का वितरण आदिवासी संस्कृति, सम्मान और स्वाभिमान के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है.
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सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना
सुखैर भगत ने कहा कि करम पर्व प्रकृति संरक्षण, आपसी भाईचारे, सहयोग और सामाजिक एकजुटता की भी सीख देता है. उन्होंने उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को करम पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की. कार्यक्रम में जिला महासचिव सलीम अंसारी बड़े, जिला सोशल मीडिया प्रभारी प्रकाश उरांव, प्रखंड अध्यक्ष यूनुस अंसारी, अनीता लकड़ा, अनीता उरांव, लूईस खलखो, पूर्व मुखिया सुखमनी लकड़ा, पंचायत समिति सदस्य राजमुनी उरांव, बसंती भगत, मुनिया उरांव, अनुपा उरांव, सीताराम उरांव, उमेश उरांव, घुड़ा उरांव, जग्गू पुजार, सुमराज पहान, देवठान पुजार, दीपक उरांव, सुनीता तिग्गा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और गणमान्य लोग मौजूद थे.
