लोहरदगा. जिला मुख्यालय से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित ब्राह्मणडीहा-कुटमु सड़क लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रही है. यह सड़क किस्को और पेशरार प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों को लोहरदगा शहर से जोड़ती है. वर्ष 2010-11 में निर्मित इस सड़क की समुचित मरम्मती नहीं होने से जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. स्थिति यह है कि सड़क पर कई जगह गड्ढे ही अधिक नजर आते हैं.
जर्जर सड़क के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति की जानकारी सांसद, विधायक सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है. इसके बावजूद मरम्मती को लेकर ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली का खामियाजा किस्को, पेशरार सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है.
कर्मा पर्व से पहले ग्रामीणों ने किया श्रमदान
कर्मा पर्व के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रिश्तेदारों और परिचितों के घर लोगों का आना-जाना बढ़ जाता है. ऐसे में सड़क की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से श्रमदान किया. कुटमु और आसपास के हिस्सों में बने बड़े-बड़े गड्ढों को भरकर सड़क को अस्थायी रूप से आवागमन के लायक बनाया गया.
ग्रामीणों ने कहा कि त्योहार के दौरान आवागमन बढ़ने के कारण सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए सामूहिक श्रमदान करना जरूरी हो गया था. ग्रामीणों के इस प्रयास से सड़क की तत्काल समस्या कुछ हद तक कम हुई है, लेकिन उनका कहना है कि स्थायी समाधान के लिए सड़क की मरम्मती जरूरी है.
बॉक्साइट लदे ट्रकों के परिचालन से स्थिति और खराब
ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क से बॉक्साइट लदे ट्रकों का भी परिचालन होता है. भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क की स्थिति और खराब हुई है. बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन और मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार वाहन चालक गड्ढों से बचने के प्रयास में दुर्घटना का सामना करते हैं.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क की जांच कराकर आवश्यक मरम्मती और सुदृढ़ीकरण कार्य कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यह सड़क कई ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है. इसलिए सड़क की जल्द मरम्मती कराकर आवागमन को सुरक्षित बनाने की जरूरत है.
