पुलिस ने उसे जेल भेजा था, कोर्ट के आदेश पर भेजा रिमांड होम.
नाबालिग महिला नक्सली पर पांच लाख के इनाम का पहला मामला.
रांची : लोहरदगा की बगरु थाना की पुलिस ने जनवरी माह में जिस महिला नक्सली को गिरफ्तार किया था, वह नाबालिग है. गिरफ्तार करने के बाद लोहरदगा पुलिस ने महिला नक्सली को जेल भेज दिया था. बाद में कोर्ट के आदेश पर उसकी मेडिकल जांच करायी गयी.
मेडिकल रिपोर्ट में उसकी उम्र को 18 साल से कम बताया गया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर लोहरदगा पुलिस ने उसे रांची स्थित रिमांड होम भेज दिया है. महिला नक्सली की गिरफ्तारी के वक्त लोहरदगा पुलिस ने यह जानकारी दी थी कि सरकार ने उसके उपर पांच लाख रुपये इनाम की घोषणा कर रखी है. नाबालिग पर किसी तरह के इनाम की घोषणा का यह पहला मामला है. पांच लाख रुपये का इनाम उसी नक्सली पर घोषित की जाती है, जो भाकपा माओवादी संगठन में सब जोनल कमांडर रैंक का होता है.
सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार नाबालिग महिला नक्सली संगठन में सब जोनल कमांडर के पद पर नहीं थी. इन तथ्यों के सामने आने के बाद इनाम की घोषणा से पहले होने वाले सत्यापन पर सवाल खड़ा हो गया है.सूत्रों के मुताबिक लोहरदगा या गुमला जिला के जिन मामलों में वह अभियुक्त है, उनमें से ज्यादा मामलों में उसका नाम किसी नक्सली के स्वीकारोक्ति बयान में आया है. उसकी गिरफ्तारी के वक्त ही यह चर्चा शुरु हो गयी थी कि उसके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज नहीं है, फिर इनाम की घोषणा कैसे कर दी गयी.
