मसीही समाज ने मनाया इस्टर संडे, प्रभु यीशु के बताये मार्ग पर चलने का लिया संकल्प

मसीही समाज ने मनाया इस्टर संडे, प्रभु यीशु के बताये मार्ग पर चलने का लिया संकल्प

लोहरदगा़ जिले में रविवार को प्रेम, विश्वास और अटूट आस्था के साथ इस्टर का त्योहार मनाया गया. प्रभु यीशु मसीह के मृत्यु पर विजय पाकर जी उठने की खुशी में मसीही समुदाय ने विभिन्न चर्चों और कब्रिस्तानों में विशेष आराधना की. सुबह से ही जिले के सभी कब्रिस्तान मोमबत्तियों की रोशनी और फूलों की खुशबू से महक उठे. श्रद्धालुओं ने अपने प्रियजनों की कब्र पर फूल चढ़ाये और दीप जलाकर मसीह के पुनरुत्थान का जश्न मनाया. भारी बारिश के बीच भी नहीं थमा उल्लास : आराधना के दौरान जिले में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई. इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी. पारंपरिक वेशभूषा में सजे पुरुष, महिलाएं और बच्चे छतरियां लेकर चर्च पहुंचे और भजन-कीर्तन के माध्यम से प्रभु की स्तुति की. भारी बारिश के बीच भी गिरजाघरों में प्रार्थना का दौर जारी रहा. पाप से मुक्ति के लिए प्रभु ने सहा दुख : विभिन्न चर्चों के पादरियों ने विशेष मिस्सा का संचालन करते हुए इस्टर के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि पवित्र शास्त्र बाइबल के अनुसार, प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाया गया और वे तीसरे दिन जी उठे. यह ऐतिहासिक घटना पूरी मानव जाति को पापों से मुक्ति दिलाने और मृत्यु पर विजय प्राप्त करने का संदेश देती है. प्रभु ने कलवरी के कठिन दुखों को सहकर मानवता को जीवन दान दिया. शांति और सद्भाव का लिया संकल्प : कब्रिस्तानों में पूर्वजों को याद करने के बाद लोग चर्च पहुंचे, जहां विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गयीं. युवाओं और बच्चों ने मसीही गीतों के माध्यम से माहौल को भक्तिमय बना दिया. इस मौके पर समुदाय के लोगों ने समाज में प्रेम, एकता और आपसी सद्भाव बनाये रखने का सामूहिक संकल्प लिया. देर शाम तक चर्च परिसरों में बधाई देने और खुशियां बांटने का सिलसिला चलता रहा.

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Published by: Shailesh ambashtha

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