लोहरदगा. झारखंड के आंदोलनकारी सुदर्शन भगत के कचहरी मोड़ स्थित प्रतिमा पर आजसू कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1993 में झारखंड विरोधियों ने सुदर्शन भगत की हत्या कर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया था. पूर्व विधायक कमल किशोर भगत को भी झूठे मुकदमें में फंसाया गया है. सुदर्शन भगत के परिवार वालों को आज तक न्याय नहीं मिला है. हत्या के आरोपी झारखंड में ही खुले घूम रहे हैं.
मौके पर सूरज अग्रवाल, कवलजीत सिंह, मुना अग्रवाल, कलीम खान, विश्वनाथ उरांव, जयचंद कुजूर, महेंद्र महतो, मीर आरिफ, साजिद अंसारी, दिलीप साहू, रामानंदन साहू, रहमान अंसारी, विलियम कुजूर, परमेश्वर भगत, वकील अंसारी सहित अन्य उपस्थित थे.
