रंका : बीआरपी व सीआरपी महासंघ ने गुरुवार को रंका बीआरसी कार्यालय में तालाबंदी की. वहीं एक घंटे के बाद पुन: ताला खोल दिया गया़ बीआरपी/सीआरपी महासंघ के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार चौबे के नेतृत्व में बीआरपी व सीआरपी के आंदोलन के कारण एक घंटे तक बीआरसी कार्यालय में कार्य बाधित रहा़ इसके पूर्व महासंघ के लोगों ने काला बिल्ला लगा कर व अपने मोटरसाइकिल में काला झंडा बांध कर जुलूस निकाला़ जुलूस बुनियादी विद्यालय से लेकर चेकनाका तक गया़
जुलूस में शामिल बीआरसी/सीआरपी सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे़ इस अवसर पर महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जबतक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तब तक उनका अनिश्चतकालीन हड़ताल जारी रहेगा़ अब यह करो या मरो की स्थिति है. अध्यक्ष श्री चौबे ने कहा कि सरकार बीआरपी/सीआरपी के साथ अन्याय कर रही है़ लगातार 11 वर्ष से उनको छोड़ने का कार्य कर रही है़ उन्हें बंधुआ मजदूर बनाकर काम कराया जा रहा ह़ै लेकिन उनका मानदेय एक दिहाड़ी मजदूर से भी कम है़ पिछले 10 मार्च को महासंघ के साथ सरकार की सहमति बनी थी कि अन्य राज्यों की तरह यहां भी बीआरपी/सीआरपी को मानदेय दिया जायेगा़
लेकिन सरकार ने इस पर अमल नहीं किया़, जिसके कारण वे लोग अपने छह सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर उतर गये हैं. इस मौके पर महासंघ के सचिव धर्मेंद्र दुबे, कोषाध्यक्ष सतीश द्विवेदी, मीडिया प्रभारी देवेंद्रनाथ उपाध्याय, सुधीर सिंह, अरुण सिंह, अश्विनी कुमार, मनदीप राम, जनिवजय शुक्ला, संजय प्रसाद, प्रदीप एक्का, पंकज गुप्ता, मनोज कुमार अन्य लोग उपस्थित थे़
