डोभा निर्माण के कार्य में लोहरदगा जिला ने बेहतर प्रदर्शन किया है़ जिला में मनरेगा के तहत 1775 डोभा निर्माण के विरुद्ध 1766 डोभा का निर्माण किया गया है़ इससे न सिर्फ जिले की जनता, बल्कि जिले के अधिकारी भी खुश नजर आ रहे हैं. समय-समय पर निर्माण कार्य का जायजा लिया, नतीजा बेहतर प्रदर्शन रहा़
गोपी कुंवर
लोहरदगा : लोहरदगा जिला में मनरेगा के तहत डोभा निर्माण के कार्य में लोहरदगा जिला का बेहतर प्रदर्शन रहा है. जिला में मनरेगा के तहत 1775 डोभा निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से 1766 डोभा निर्माण का काम पूरा कर लिया गया.
अपने साथ-साथ जिले के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम बना कर कार्यक्रम स्थल पर भेजा, ताकि वहां किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके. इसका बेहतर परिणाम आया और डोभा निर्माण का कार्य लक्ष्य तक पहुंच गया. पर्यावरणविदों का कहना है कि डोभा निर्माण का दूरगामी परिणाम सामने आयेगा. एक तो डोभा के निर्माण से जल का जमाव होगा़ साथ ही डोभा के आसपास के इलाके का जल स्तर भी बढ़ेगा़
किसान डोभा से सिंचाई के अलावा मछली पालन भी कर सकते हैं. डोभा निर्माण के बाद वर्षा होते ही अधिकतर डोभा में पानी भर गया है. किसानों के चेहरे पर खुशी देखी जा रही है. सिर्फ वर्षा पर पूरी तरह निर्भर रहने वाले किसानों के लिए यह डोभा कारगर साबित होगा.
जहां जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा था, वहीं डोभा निर्माण के बाद निश्चित रूप से इसमें परिवर्तन होगा. वर्षा जल के संचयन की दिशा में यह कारगर साबित होगा. इलाके में हरियाली आयेगी और एक बार फिर लोहरदगा जिला के मौसम में भी बदलाव दिखेगा. ज्ञात हो कि इस वर्ष गरमी के मौसम में लोहरदगा जिला भी जल संकट से जूझ रहा था.
कुएं व तालाब या ताे सूख चुके थे या उनका जलस्तर नीचे चला गया था़ नदियाें की भी कमोबेश यही स्थिति थी़ जलापूर्ति योजना भी प्रभावित हो रही थी. इसका मुख्य कारण था पेड़ों का कटना और जल संरक्षण का अभाव. अब लोग जल संरक्षण के प्रति जागरूक हुए हैं.
