कार्रवाई. प्रशासन की सख्ती से ईंट-भट्ठा मालिकों में हड़कंप
जिला प्रशासन के निर्देश के बाद जिले में अवैध रूप से संचालित अवैध क्रशर व ईंट-भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गयी है़ पहले दिन एसडीओ व डीएसपी के नेतृत्व में हिरही में एक व दो अन्य क्रशर सील किये गये.
लोहरदगा : अनुमंडल पदाधिकारी राज महेश्वरम एवं पुलिस उपाधीक्षक आशीष कुमार महली के नेतृत्व में जिले में अवैध रूप से चल रहे क्रशर एवं ईंट-भट्ठों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. इसी क्रम में गुरुवार को सदर प्रखंड प्रखंड के हिरही गांव स्थित आलमीन अंसारी के क्रशर को सील किया गया. इनके अलावा ओयना टोंगरी में तबरेज अंसारी व अख्तर अंसारी के क्रशर को भी सील कर दिया गया़ मौके पर सहायक खनन पदाधिकारी महेंद्र प्रसाद ने बताया कि जिले में 32 लाइसेंसधारी क्रशर हैं.
इसके अलावा 45 ईट भट्ठा का लाइसेंस है. लाइसेंसधारी क्रशर मालिकों को प्रदूषण अनापत्ति प्रमाण पत्र, क्रशर के समीप चहारदीवारी निर्माण व पेड़ लगाने सहित अन्य प्रावधानों के अनुसार कागजात दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया था. अवैध रूप से संचालित सभी क्रशर व ईट भट्ठा को सात दिन के अंदर सील किया जायेगा.
एसडीओ राज महेश्वरम ने बताया कि सरकार के राजस्व की चोरी करने वाले एवं प्रदूषण फैलाने वाले को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जायेगा. गुरुवार को सदर प्रखंड में दिनभर अवैध रूप से संचालित क्रशरों को सील करने की कार्रवाई की गयी. सूत्रों के अनुसार, जिले में चलंत चिमनी एवं अवैध रूप से कई ईट भट्ठाें का संचालन हो रहा है. इससे सरकार को लाखों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है. राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है.
जिला प्रशासन इस कार्रवाई से अवैध रूप से चल रहे क्रशरों के मालिकों व चलंत चिमनी संचालकों में खलबली मच गयी है. हिरही में सहायक खनन पदाधिकारी महेंद्र प्रसाद ने बताया कि आलमीन अंसारी के क्रशर में जो पत्थर आ रहा है, उसका कोई लीज नहीं है. क्रशर में प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित कोई कागजात नहीं है. क्रशर के आसपास प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ लगाने का प्रावधान है, लेकिन एक भी पेड़ क्रशर मालिक द्वारा नहीं लगाया गया है. सदर प्रखंड में गुरुवार को आधे दर्जन क्रशर को सील करने की कार्रवाई की गयी.
