एक डॉक्टर और दो एएनएम के भरोसे कैरो प्रखंड की 44 हजार की आबादी

एक डॉक्टर और दो एएनएम के भरोसे कैरो प्रखंड की 44 हजार की आबादी

कैरो़ कैरो प्रखंड के लोग आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं. लगभग 44 हजार की आबादी वाले इस प्रखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था तीन अलग-अलग प्रखंडों से संचालित होती है. नरौली पीएचसी, गजनी एसएससी, महूवारी पीएचसी और नगजुवा स्वास्थ्य केंद्र का संचालन भंडरा प्रखंड से होता है. गुड़ी पीएचसी और नगड़ा एसएससी लोहरदगा प्रखंड से संचालित हैं. वहीं, कैरो पीएचसी, गितिलगढ़ एसएससी, वेलनेस सेंटर हनहट और सढ़ाबे पंचायत सिंजो से संचालित होते हैं, जो कुडू प्रखंड में आता है. प्रखंड बनने के बाद यहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2010-11 में एक करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया गया था. लेकिन अब तक यह भवन विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है. वर्तमान में कैरो पीएचसी का संचालन प्रखंड परिसर से हो रहा है. प्रखंड की स्वास्थ्य सेवा मात्र एक डॉक्टर और दो एएनएम के सहारे चल रही है. लोगों को मामूली बीमारियों के लिए रांची या लोहरदगा जाना पड़ता है या झोलाछाप डॉक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता है. डॉक्टर राकेश कुमार ने कहा कि सीमित संसाधनों में सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है. परंतु स्टाफ और सुविधाओं की कमी से कठिनाई होती है. ग्रामीणों ने कहा कि योजनाएं तो बनती हैं, पर धरातल पर नहीं उतर पातीं.

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Published by: Shailesh ambashtha

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