लोहरदगा : लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार जीत हासिल करनेवाले सुदर्शन भगत को केंद्र में मंत्री नहीं बनाये जानें पर क्षेत्र के लोग निराश हैं. लोगों को उम्मीद थी कि इस बार उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया जायेगा और उनके मंत्री बनते ही क्षेत्र की सभी समस्याओं का निदान होगा, चाहे वह बाइपास सड़क का निर्माण हो, गुमला को रेल से जोड़ने का मामला हो, कोल्ड स्टोरेज का निर्माण हो, बेरोजगारी की समस्या हो, जलापूर्ति की समस्या या भ्रष्टाचार की समस्या हो सभी समस्याओं का निदान तत्काल हो जायेगा.
लेकिन जनता निराश हो गयी है, लोगों का कहना है कि इतने सीनियर सांसद के मंत्री नहीं बनने से उन्हें थोड़ी निराशा हुई है. पिछली सरकार में सुदर्शन भगत राज्य मंत्री थे. लेकिन समय अभाव के कारण वे इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे सके थे, लेकिन इस बार वे चुनाव प्रचार में निकले तो उन्हें मालूम हुआ कि उनके क्षेत्र में भी समस्याएं हैं और जनता को लगा कि अब मंत्री बनते ही इन समस्याओं का निदान होगा.
वैसे सुदर्शन भगत के मंत्री बनने की उम्मीद न सिर्फ आम लोगों को थी बल्कि भाजपाइयों को भी थी. काफी संख्या में भाजपा के लोग दिल्ली भी पहुंच गये थे, वे सुदर्शन भगत के शपथ ग्रहण की उम्मीद लेकर गये थे, लेकिन लोगों को निराशा का सामना करना पड़ा. सुदर्शन भगत की स्वच्छ छवि ने ही पिछली सरकार में उन्हें मंत्री बनाया था. इस बार उनकी जीत का अंतर भी ज्यादा था़ लोगों को विश्वास था कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोहरदगा आये थे, विकास का वादा किया था तो विकास के लिए सुदर्शन भगत को मंत्री बनाया जाता तो बेहतर होता.
