: एसपी कार्तिक एस ने अपने दो वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया. दो वर्षो में एसपी कार्तिक एस के सफल नेतृत्व में शीर्ष माओवादी नेता को सरेंडर करना पड़ा. वहीं कई माओवादी सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा. जिले में अपराध में भी कमी आयी. एसपी के नेतृत्व में पुलिस के अन्य पदाधिकारियों ने ने भी बेहतर काम किये. लोहरदगा जिले में नक्सली गतिविधि लगभग समाप्ति की ओर है. जिस क्षेत्र में पदाधिकारी व कर्मचारी जाने से डरते थे, उन क्षेत्रों में आज विकास हो रहा है.
पेशरार के कई जगहों पर पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया है. एसपी कार्तिक एस के कार्यकाल में जिले की पहचान बदली है. पुलिस पदाधिकारी कर्मियों की कार्य कुशलता गुणवत्ता में सुधार हुआ है. सभी पुलिस थानों को बीडीओ कांन्फ्रेंसिंग से जोड़ कर वहां की समस्याओं से एसपी स्वयं अवगत होते है. यह एक नयी पहल है.
इसके तहत थाने में पहुंचे व्यक्ति भी एसपी के समक्ष अपनी समस्याएं रख रहे हैं. शहर में सीसीटीवी कैमरे लगा कर भी अपराध पर नियंत्रण किया गया है. इन दो सालों में 14 नक्सली गिरफ्तार किये गये व 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया. 22 बच्चों को नक्सलियों के चंगुल से मुक्त कराया गया. 25 नक्सलियों को दोषी करार देते हुए उन्हें सजा दिलायी गयी. एसपी के नेतृत्व में पुलिस व नक्सलियों के साथ कई मुठभेड़ हुई. इसमें पुलिस को भारी सफलता मिली व उग्रवादी अपना हथियार छोड़ कर भागने को विवश हुए. नक्सलियों के पास से पुलिस ने छह हजार से अधिक विस्फोटक व 17 हथियार बरामद किये.
शीष माओवादी नेता नकुल यादव के फुफेरे भाई रोहित यादव को 25 लाख रुपये लेवी की रकम लेते गिरफ्तार किया गया. एसपी के नेतृत्व में समाज से भटके युवाओं को मुख्य धारा में लौटने के लिए कई कार्यक्रम भी चलाये जा रहे है. इस संबंध में एसपी कार्तिक एस ने बताया कि अब जिले में 12 इनामी नक्सली रह गये है, उन्हें चेतावनी दी गयी है कि या तो वे पुलिस के समक्ष सरेंडर करें या फिर पुलिसिया कार्रवाई के लिए तैयार रहें. उन्होंने बताया कि जो क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, उस क्षेत्र के लोगों का विश्वास पुलिस ने जीता है.
लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है. कैरो थाना क्षेत्र के गुड़ी में डायन बिसाही के मामले में एक ही परिवार के लोगों को जिंदा जलाने की सूचना मिलते ही एसपी स्वयं घटना स्थल पर पहुंच कर जलते हुए घर से एक व्यक्ति को सकुशल निकाला. एसपी कार्तिक एस जिले के 27 वे पुलिस अधीक्षक है. जिन्होंने दो वर्ष का कार्यकाल कुशलता पूर्वक पूरा किया.
दो साल की उपलब्धियां
- जिले में नक्सली गतिविधि लगभग समाप्ति की ओर व अपराध में आयी कमी
- 22 बच्चे नक्सलियों के चंगुल से कराये गये मुक्त
- 25 नक्सलियों को दोषी करार देते हुए दी गयी सजा
- जिन क्षेत्रों में कभी पदाधिकारी व कर्मचारी जाने से डरते थे, उन क्षेत्रों में आज हो रहा विकास
- पेशरार के कई जगह पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए चयनित
- एसपी के नेतृत्व में समाज से भटके युवाओं को मुख्य धारा में लौटाने के लिए चलाये जा रहे हैं कई कार्यक्रम
