बालूमाथ / हेरहंज ़ बालूमाथ और हेरहंज प्रखंड मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को चैती छठ पर्व पर व्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ अर्पित किया. बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय स्थित छठ तालाब में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की. पूरे क्षेत्र में छठी मइया के गीत से माहौल भक्तिमय हो गया है. बुधवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ देने के साथ महापर्व संपन्न होगा. वहीं, हेरहंज प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को व्रतियों ने अर्घ दिया. परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की. श्री राम जानकी मंदिर परिसर स्थित छठ तलाब में काफी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे. बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ देने के साथ ही यह पवित्र व्रत संपन्न होगा. स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से घाटों पर सुरक्षा और सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है. समाज को जल के महत्व का संदेश दिया
महुआडांड़. विश्व जल दिवस पर प्रखंड के संत जेवियर महाविद्यालय में जल संरक्षण एवं समानता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर समाज को जल के महत्व का संदेश दिया. इस दौरान कॉलेज प्रांगण से रैली निकाली गयी. जो कॉलेज गेट, आरपीएस स्कूल होते हुए राजडंडा गांव तक पहुंची. रैली में जल है तो कल है, जल बचाओ जीवन बचाओ और समान जल समान अधिकार जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो शेफाली प्रकाश, प्रो रोजी सुष्मिता, प्रो शालिनी बाड़ा और प्रो अंशु अंकिता ने किया. मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जल संकट का सबसे अधिक असर महिलाओं और ग्रामीणों पर पड़ता है, इसलिए संरक्षण और समान वितरण जरूरी है. प्राचार्य डॉ फादर एम के जोस ने जल के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया. विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन व जल स्रोत संरक्षण की जानकारी दी. मौके पर सभी शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित थे.
