बालूमाथ. प्रखंड में सीसीएल द्वारा संचालित तेतरियाखाड़ कोलियरी को पुनः शुरू कराने को लेकर बुधवार को विस्थापित एवं प्रभावित ट्रक मालिकों की बैठक होटल लोटस हार्ट में हुई. बैठक की अध्यक्षता परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत ने की.
10 लाख टन से अधिक कोयले का स्टॉक, डिस्पैच नहीं होने का दावा
बैठक में सीसीएल की ओर से परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत ने कहा कि वर्तमान में माइंस में करीब 10 लाख टन से अधिक कोयले का स्टॉक जमा है, जिसका डिस्पैच नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि इससे सीसीएल को 100 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हो रहा है. स्टॉक में जमा कोयले का जल्द उठाव जरूरी है.
उन्होंने कहा कि ट्रक मोड से इतनी अधिक मात्रा में कोयले का उठाव संभव नहीं है. इसलिए हाईवा और ट्रक दोनों के माध्यम से कोयला उठाव का प्रस्ताव रखा गया.
ग्रामीणों और ट्रक मालिकों ने प्रस्ताव का किया विरोध
ग्रामीणों और ट्रक मालिकों ने सीसीएल के इस प्रस्ताव का विरोध किया. उनका कहना था कि पूर्व में भी सीसीएल और संबंधित कंपनी कई बार अपने वादों से पीछे हट चुकी हैं. उनके अनुसार अभी तक नौकरी और मुआवजा समेत कई मामले लंबित हैं.
ग्रामीणों और ट्रक मालिकों ने कहा कि सीसीएल पर विश्वास तभी किया जाएगा, जब पहले ट्रक मोड से कोयले का उठाव शुरू कराया जाए. इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि कोलियरी में हाईवा चलाने की अनुमति दी जाएगी या नहीं.
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि यदि जल्द से जल्द तेतरियाखाड़ माइंस को पुनः शुरू नहीं किया गया, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. ग्रामीणों की ओर से रखी गयी बातों से सीसीएल के पदाधिकारी अपने सीएमडी को रांची में अवगत कराने की बात कही.
बैठक में डिस्पैच ऑफिसर आरव, मैनेजर अजीत बहेरा, गंगेश्वर यादव, रोशन यादव, संतोष यादव, तिवारी यादव, गणेश यादव, अशोक यादव, दीपू गुप्ता, अजीत कुमार, मो नासिर, दीपक यादव, दिलीप यादव, निरंजन यादव, विकास यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे.
