बारियातू (लातेहार): प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मंगलवार को विज्ञान सप्ताह के तीसरे दिन ‘दैनिक जीवन और शिक्षा में विज्ञान का महत्व’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पलामू विभाग के विभाग संघचालक जानकी नंदन राणा, विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र राम एवं दिवसाधिकारी आचार्या वीणा देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
प्रधानाचार्य जितेंद्र राम ने विज्ञान सप्ताह की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करना, वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना है. उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक की उपयोगिता को समझने का यह बेहतर अवसर है. उन्होंने बताया कि विद्या विकास समिति, झारखंड की योजना के तहत विज्ञान सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है, जो एक सप्ताह तक चलेगा.
विभाग संघचालक जानकी नंदन राणा ने कहा कि विज्ञान मानव जीवन का अभिन्न अंग है. इससे तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता का विकास होता है. उन्होंने कहा कि भारत के प्राचीन वैज्ञानिकों एवं विद्वानों ने गणित, चिकित्सा और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. आर्यभट्ट, सुश्रुत, जगदीश चंद्र बसु, महर्षि कणाद और ब्रह्मगुप्त जैसे वैज्ञानिकों के योगदान को आज भी पूरी दुनिया सम्मान के साथ याद करती है.
उन्होंने बताया कि आर्यभट्ट ने शून्य एवं पाई के महत्व को स्पष्ट किया तथा पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने की अवधारणा प्रस्तुत की. वहीं, ब्रह्मगुप्त ने शून्य और ऋणात्मक संख्याओं के नियमों को व्यवस्थित रूप से समझाया. कार्यक्रम में कक्षा आठवीं की छात्रा अंशु कुमारी ने भी विज्ञान विषय पर अपने विचार रखे. मौके पर विद्यालय के सभी आचार्य-आचार्याएं, दीदी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
