हाथियों के बगैर पीटीआर अधूरा, संरक्षण की दिशा में काम करने की जरूरत

हाथियों के बगैर पीटीआर अधूरा, संरक्षण की दिशा में काम करने की जरूरत

बेतला़ पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला में विश्व हाथी दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने हाथी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हाथी पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. पीटीआर के जंगल में हाथियों की अहम भूमिका है और इनके बिना जंगल अधूरा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हाथी-मानव संघर्ष की स्थिति कई जगह देखने को मिलती है, हालांकि पीटीआर में यह स्थिति नियंत्रण में है. इसके बावजूद ऐसी घटनाएं शून्य करने की दिशा में तैयारी जारी है. उन्होंने कहा कि हाथी के संरक्षण के लिए जनसहभागिता आवश्यक है. बच्चों के बीच इस विषय पर जागरूकता फैलाना सबसे जरूरी है. हाथी के भटकाव या संघर्ष की स्थिति में लोगों को विभाग का सहयोग करना चाहिए. कार्यक्रम में बेतला के पालतू हाथी जूही, मुर्गेश, सीता और राखी को आकर्षक तरीके से सजाया गया और उन्हें फल खिलाये गये. इस दौरान कार्यरत महावतों को पीटीआर प्रबंधन की ओर से सम्मानित किया गया. पीटीआर के पूर्व निदेशक पद्मश्री पीके सेन की स्मृति में पलामू के सबसे पुराने महावत इमामुद्दीन को श्रेष्ठ महावत सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया. उन्हें 10,000 रुपये, अंगवस्त्र और उपहार प्रदान किया गया. इसके अलावा महावत रघुनाथ परहिया, रामप्रसाद सिंह, जोहा मियां, सतेंद्र सिंह, नीरेंद्र भुइया और संजय यादव को भी सम्मानित किया गया. मौके पर रेंजर उमेश कुमार दुबे, संतोष कुमार सिंह, देवपाल भगत, धीरज कुमार, सुभाष कुमार, प्रवीण कुमार, गुलशन सुरीन सहित कई लोग उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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