कोयला वाहनों की धूल-जाम से परेशान बालूमाथ के कारोबारी, 24 सितंबर से सड़क जाम की चेतावनी

बालूमाथ के कारोबारी कोयला वाहनों के धूल और जाम से परेशान हैं. 24 सितंबर से अनिश्चितकालीन सड़क जाम की चेतावनी दी गई है. जानिए क्या है पूरा मामला.

बालूमाथ. शहर में कोयला वाहनों से उड़ते धूलकण और लगातार लगनेवाले जाम से परेशान व्यवसायियों की ओर से 24 सितंबर से अनिश्चितकालीन सड़क जाम की चेतावनी दिये जाने के बाद सोमवार को प्रशासन ने बैठक की. उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर प्रखंड कार्यालय सभागार में एसडीओ दिनेश कुमार की अध्यक्षता में व्यवसायियों और आम लोगों के साथ बैठक हुई. इसमें विभिन्न कोल परियोजनाओं के जीएम, पीओ और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे.

बैठक में जिप सदस्य अनिता देवी, संघ के मोनू गुप्ता, मो तौफीक, सांसद प्रतिनिधि प्रेम प्रसाद गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि संजय यादव, पंसस पिंटू, मुखिया नरेश लोहरा, निजामुद्दीन कुरैशी और ईश्वरी पासवान समेत अन्य लोगों ने सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक शहर में कोयला वाहनों के परिचालन पर नो इंट्री लागू करने की मांग की.

व्यवसायी संघ ने कहा कि 23 सितंबर तक नो इंट्री के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो 24 सितंबर से अनिश्चितकालीन सड़क जाम किया जायेगा.

सब्जी बाजार को बाजार शेड में किया जायेगा शिफ्ट

बैठक में तुबैद कोल माइंस के लैंड डिपार्टमेंट मैनेजर मो इफ्तिखार ने बताया कि पहले रेलवे लाइन के माध्यम से कोयला परिवहन की योजना थी. कंपनी टमटमटोला (भामाशाह चौक) से बरनी पंप होते हुए क्रशर और वहां से बालूमाथ एनएच-22 स्थित रेलवे ओवरब्रिज तक बाइपास सड़क बनाने की योजना पर काम कर रही है. हालांकि, अब तक रैयतों से बातचीत नहीं हो पायी है. इस पर बैठक में मौजूद लोगों ने सवाल उठाये.

सभी पक्षों की बात सुनने के बाद एसडीओ दिनेश कुमार ने कहा कि कोयला वाहनों के लिए नो इंट्री की मांग से वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि सड़क किनारे लगनेवाली सब्जी दुकानों को बाजार शेड में शिफ्ट किया जायेगा. सड़क चौड़ीकरण के लिए सर्वे कराकर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी, ताकि जाम की समस्या दूर हो सके. उन्होंने स्ट्रीट लाइट, स्कूल और अस्पताल से जुड़ी मांगों को भी पूरा कराने का आश्वासन दिया.

चार साल से एनएच से कोयले की ढुलाई का आरोप

ग्रामीणों ने कहा कि तुबैद कोल माइंस शुरू होने के समय कंपनी और उपायुक्त के बीच समझौता हुआ था कि कोयला परिवहन के लिए अलग ट्रांसपोर्टिंग सड़क बनायी जायेगी. ग्रामीणों के अनुसार इसके बावजूद करीब चार वर्षों से एनएच से ही कोयले की ढुलाई हो रही है.

ग्रामीणों ने बताया कि बालूमाथ में सीसीएल की मगध और तेतरियाखाड़ परियोजनाओं के अलावा आम्रपाली कोलियरी के कोयला वाहन भी गुजरते हैं. उन्होंने स्कूल, अस्पताल और प्रमुख सड़कों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की.

सड़क किनारे खड़े वाहनों पर होगी कार्रवाई

जिला परिवहन पदाधिकारी उमेश मंडल ने कहा कि सड़क किनारे अनावश्यक रूप से वाहन खड़े करने से जाम की स्थिति बनती है. ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जायेगी. बसों को बस स्टैंड में ही खड़ा करना होगा. नियमों का उल्लंघन करनेवाले छोटे-बड़े वाहनों का चालान काटा जायेगा.

उन्होंने कहा कि हाइवा चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य कागजात की भी जांच की जायेगी.

बैठक में डीटीओ उमेश मंडल, डीएमओ नदीम सफी, थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा, सीओ बालेश्वर राम, बीडीओ सोमा उरांव, तेतरियाखाड़ पीओ जेपी रावत, जीएम डीवीसी एके ठाकुर, मगध-संघमित्रा जीएम राजीव सिंह, तुबैद कोल माइंस के बलराम पांडेय, विभुराज सिन्हा, अमित कुमार समेत अन्य मौजूद थे.

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By Sumit kumar

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