बारियातू, लातेहार : थाना क्षेत्र के गाड़ी गांव के लोदमदाग टोला निवासी पारा शिक्षक तालेश्वर उरांव की 26 वर्षीय पुत्री सोनी कुमारी का कंकाल 132 दिनों बाद रविवार को रांची फोरेंसिक लैब से परिजनों को सौंपा गया. कंकाल घर पहुंचते ही परिजनों और पूरे गांव में कोहराम मच गया. इसके बाद रविवार शाम आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार स्थानीय मुक्तिधाम में सोनी के कंकाल का अंतिम संस्कार किया गया.
तालेश्वर उरांव ने बताया कि उनकी पुत्री सोनी कुमारी 13 अप्रैल को मनिका स्थित अपने रिश्तेदार के घर से लातेहार के बनवारी साहू महाविद्यालय जाने के लिए निकली थी. देर शाम तक घर नहीं लौटने पर उसके मोबाइल पर फोन किया गया, लेकिन मोबाइल बंद मिला. काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला. इसके बाद 20 अप्रैल को लातेहार पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर पुत्री की खोजबीन में मदद की गुहार लगायी गयी थी.
पतकी जंगल से मिला था शव
तालेश्वर उरांव ने बताया कि 23 अप्रैल को लातेहार पुलिस ने पतकी जंगल से एक क्षत-विक्षत शव बरामद किया था. उसकी पहचान लापता सोनी कुमारी के रूप में की गयी थी. पुलिस ने शव को परिजनों को सौंपने के बजाय फोरेंसिक जांच के लिए रांची भेज दिया था.
कंकाल गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही मुखिया सरिता देवी, पूर्व मुखिया प्रमोद उरांव समेत कई पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मृतका के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया.
परिजनों ने लातेहार पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा सोनी की हत्या में शामिल लोगों को चिह्नित कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है.
