Latehar Crime News, लातेहार (चंद्र प्रकाश सिंह) : लातेहार स्थित सदर थाना क्षेत्र के कैमा गांव में गुरुवार रात पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गयी. इस घटना में पुलिस के 15 जवान घायल हो गये. इनमें से तीन जवानों को सदर अस्पताल लातेहार में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया. झड़प में कई ग्रामीणों को भी चोट लगी है, जिनका इलाज गांव में ही कराया गया.
दो युवकों को पकड़ कर ले जा रही थी पुलिसट
घटना के संबंध में कैमा गांव के सहावीर टाना भगत और दिनेश टाना भगत ने बताया कि पुलिस चार वाहनों से तुबेद गांव गयी थी. इस दौरान पुलिस ने कैमा गांव के दो युवकों विशेष टाना भगत और संदीप टाना भगत को पकड़कर ले जा रही थी. इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण एकजुट हो गये और दोनों युवकों को छोड़ने की मांग करने लगे. लेकिन इसके बावजूद पुलिस की दो गाड़ियां उन दोनों युवकों को लेकर वहां से चली गयीं.
वार्ता के बाद दोनों युवकों को छोड़ दिया गया गांव में
इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस की दो अन्य गाड़ियों को गांव में रोक लिया और दोनों युवकों को वापस लाने की मांग करने लगे. कुछ देर बाद पुलिस की एक और बस गांव पहुंची, जिसमें दोनों युवकों को भी लाया गया. इसके बाद गांव के अखरा में ग्रामीणों और पुलिस के बीच बातचीत हुई. वार्ता के बाद पुलिस ने दोनों युवकों को छोड़ दिया.
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पुलिस दोबारा गांव पहुंचकर करने लगी पूछताछ
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस गांव से चली गयी थी, लेकिन एक जवान, जो कथित रूप से नशे में था, वह उनके साथ नहीं जा सका. इसके बाद पुलिस फिर गांव पहुंची और उस जवान के बारे में पूछताछ करने लगी. पुलिस का आरोप कि ग्रामीणों ने एक जवान को बंधक बना लिया है. जबकि टाना भगतों का कहना था कि पुलिस बिना उनका पक्ष सुने उन पर लाठीचार्ज कर दिया. इसके बाद ग्रामीणों के हाथ में जो मिला, उससे पुलिस पर हमला कर दिया. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने तीन राउंड हवाई फायरिंग भी की. हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस मामले में सदर थाना में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी थी.
15 पुलिस जवान घायल
इस घटना में पुलिस के 15 जवान घायल हो गये. घायल जवानों में एसआई धर्मवीर कुमार सिंह, सलेंद्र कुमार सिंह (आईआरबी), प्रेमचंद पांडेय (आईआरबी), रामकिशोर उरांव (जैप), विजय कुमार सिंह (आईआरबी), तिलेश्वर लकड़ा (जैप), कन्हैया प्रसाद (आईआरबी), एसआई मोहन रविदास, एसआई रामाकांत गुप्ता, पुलिस लाइन के जवान राजेश झा, कृष्णा मुरारी, लोबिन मुर्मू, गिरिवर प्रसाद, सत्यम कुमार और जवाहर उरांव शामिल हैं. इनमें से तीन जवानों सलेंद्र कुमार सिंह, तिलेश्वर लकड़ा और रामकिशोर उरांव को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया है. वहीं ग्रामीणों में संदीप उरांव और निरंजन उरांव समेत कई महिला व पुरुष घायल हुए हैं.
ड्रोन का घटना से संबंध नहीं : ग्रामीण
पुलिस का आरोप है कि ग्रामीणों ने एक माह पहले कोयला खनन के लिए सर्वे कर रही एक कंपनी का ड्रोन जब्त कर लिया था. वह उसी ड्रोन को छुड़ाने गांव गयी थी. इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी. हालांकि ग्रामीणों ने इस दावे से इनकार किया है. ग्रामीणों का कहना है कि ड्रोन का गुरुवार रात की घटना से कोई संबंध नहीं है. ग्रामीणों के अनुसार, कंपनी का ड्रोन करीब डेढ़ माह पहले जब्त किया गया था. यदि पुलिस कंपनी ड्रोन की खरीद रसीद, ऑपरेटर का लाइसेंस और ग्रामसभा की अनुमति का दस्तावेज दिखा देती है, तो ड्रोन वापस कर दिया जायेगा. ग्रामीणों का कहना है कि गुरुवार रात की घटना गांव के दो युवकों को पकड़कर ले जाने और ग्रामीणों पर लाठीचार्ज किये जाने के बाद हुई.
घटना के बाद गांव पहुंचे वरीय अधिकारी
ग्रामीणों द्वारा पुलिस वाहन और पुलिस अधिकारियों व जवानों को गांव में रोके जाने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. इसके बाद एसडीपीओ अरविंद कुमार के नेतृत्व में महिला व पुरुष पुलिस बल रात में ही गांव पहुंचा. बताया जाता है कि ग्रामीणों ने थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा और एसआई राजेश कुमार समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को कुछ समय के लिए गांव में ही रोक कर रखा था. घटना के बाद पुलिस के वरीय अधिकारी हालात को नियंत्रित करने में जुटे रहे.
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