आंगनबाड़ी केंद्रों के आधारभूत संरचना में हो सुधार

जिला समाहरणालय स्थित सभागार में मंगलवार को उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण कार्यालय एवं बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की समीक्षा बैठक हुई.

लातेहार. जिला समाहरणालय स्थित सभागार में मंगलवार को उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण कार्यालय एवं बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में उपायुक्त ने समाज कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बच्चों के संरक्षण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की. इसमें मुख्य रूप से पोषण ट्रैकर, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सेविका सहायिका रिक्तियां, आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत संरचना एवं भवन निर्माण, एमटीसी केंद्र संचालन व बाल संरक्षण समेत अन्य विषयों की समीक्षा की गयी. समीक्षा के क्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा की विभाग की ओर से जितनी भी योजनाएं चलायी जा रही है, उन सभी में लक्षित लक्ष्य के विरुद्ध शत प्रतिशत उपलब्धि को प्राप्त करें. उन्होंने जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत संरचना एवं भवन निर्माण की जानकारी लेते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. अगली बैठक में फोटोग्राफ्स के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा पोषण ट्रैकर एप के अनुसार पूरक पोषाहार प्राप्त करनेवाले लाभुकों में गर्भवती महिला, धात्री महिला, विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों आदि की समीक्षा की गयी. उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त सेविका, सहायिका के पदों की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि महिला पर्यवेक्षिकाओं की ओर से सेविका, सहायिका के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अब तक ग्रामसभा भी नहीं करायी गयी है. इस पर उपायुक्त ने शीघ्र नियुक्ति करवाने और महिला पर्यवेक्षिकाओं के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया. समीक्षा के क्रम में समर अभियान के तहत कुपोषण एवं एनीमिया से ग्रसित बच्चों, युवतियों, गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर उपचार के लिए एमटीसी भेजने एवं एमटीसी केंद्र के सुचारू रूप से संचालन के लिए नियमित अनुश्रवण एवं निगरानी सुनिश्चित करने को कहा. इसके अलावा मिशन वात्सल्य व जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने विशेष रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया. मानव तस्करी के तहत दर्ज हुए मामले एवं उनमें किये गये बच्चों के रेस्क्यू कार्य की जानकारी लेते हुए सक्रिय होकर कार्य करने को कहा गया. उपायुक्त ने कहा कि बाल संरक्षण जरूरी है. इसके लिए सभी को सहयोगात्मक भावना से काम करने की जरूरत है. मौके पर डीआरडीए निदेशक प्रभात रंजन चौधरी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अल्का हेंब्रम, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रभारी पदाधिकारी अजय कच्छप व बाल विकास परियोजना पदाधिकारी समेत महिला पर्यवेक्षिका एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.

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By Anuj singh

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