बालिका आवासीय विद्यालय के छात्रावास में लगी आग, सभी बेड समेत समान जलकर खाक

बालिका आवासीय विद्यालय के छात्रावास में लगी आग, सभी बेड समेत समान जलकर खाक

बारियातू़ राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में संचालित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय के छात्रावास में सोमवार सुबह अचानक भीषण आग लग गयी. इस हादसे में दर्जनों छात्राओं के बिस्तर, गद्दे, किताबे, बैग, ड्रेस, पंखा व छात्राओं के निजी सामान जलकर खाक हो गये. गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, इससे जान की क्षति नहीं हुई. छात्राओं ने रोते-बिलखते कहा कि उन्हें पशुओं की तरह रखा जाता है. एक कमरे में 10-12 दोतल्ला बेड है. इसमें करीब 40-50 छात्राएं सोती हैं. गनीमत रही कि आग के दौरान छात्राएं कमरे में नहीं थी, वर्ना वे लोग यहां से भाग ही नहीं पाती. कैसे हुई घटना : जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब छह बजे पीटी (शारीरिक प्रशिक्षण) के लिए सभी छात्राएं मैदान में गयीं थीं. इसी दौरान चौकीदार अंकित ने छात्रावास संख्या-5 से धुआं निकलते देखा. चौकीदार व शिक्षिकाएं उधर दौड़े. देखा कि पूरा कमरा आग से घिरा है. तत्काल प्रशासन को इसकी सूचना दी गयी. स्थानीय ग्रामीण, छात्राओं व कर्मियों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. तब तक कक्षा छह की करीब 40 छात्राओं का सामान पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था. आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा है. घटना की सूचना पाकर बीडीओ अमित कुमार पासवान, सीओ कोकिला कुमारी, थाना प्रभारी रंजन पासवान, बीइइओ अमरेंद्र कुमार पाठक, शिक्षा विभाग के लेखापाल सुरेंद्र भगत, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शिवशंकर प्रभात समेत विभाग के कई लोग यहां पहुंचे. स्थिति का जायजा लिया. लेखापाल सुरेंद्र भगत ने व्यवस्था पर नाराजगी जतायी, कहा कि विद्यालय को मिले फंड का समुचित उपयोग नहीं किया गया है. विधायक प्रतिनिधि रविराज ने घटनास्थल का दौरा किया. कहा कि विधायक से वार्ता कर भवन उपलब्ध कराने की पहल की जायेगी. प्रभात खबर ने पहले ही चेताया था 26 मार्च 2025 को प्रभात खबर ने उक्त विद्यालय की व्यवस्था व दुर्दशा पर खबर प्रकाशित की थी. पांच कमरों में 218 छात्राएं रहने को विवश थी. कमरों में डबल तल्ला पलंग लगाकर किसी प्रकार छात्राओं को रखा जा रहा था. जिस प्रकार छात्राएं यहां रह रही थी, प्रभात खबर ने घटना की आशंका व्यक्त की थी. प्रशासन का ध्यान भी इस ओर आकृष्ट कराया था, सिस्टम नहीं जागा. खुद का भवन नहीं होने से छात्राएं व वार्डन सभी विवश हैं. क्या कहा बीडीओ व वार्डन ने : घटनास्थल का दौरा कर बीडीओ अमित कुमार पासवान ने कहा कि वर्तमान भवन अपर्याप्त है. एक कमरे में 40-45 छात्राओं का रहना उचित नहीं है. उपायुक्त व जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात कर छात्राओं को दूसरी जगह शिफ्ट कराने की पहल होगी. वार्डन कांति कुजूर ने कहा कि 225 छात्राओं को पांच कमरों में रखना मजबूरी है. भवन जर्जर हो चुका है. छत का प्लास्टर लगातार गिरता रहता है. सूचना कई बार विभाग को दी गयी, पर आज तक हमें हमारा भवन नहीं मिला. ज्ञात हो कि विद्यालय में फिलहाल 225 छात्राओं का नामांकन है. इनमें 208 छात्राएं उपस्थित हैं. पांच कमरों में ही सभी को ठहराया जा रहा है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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