लातेहार: अभिजीत पावर प्लांट को अपने अधीन लेने वाली ओएएसपीएल (रश्मि मेटेलिक ग्रुप) प्रबंधन और मेनपावर कर्मियों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विस्थापित रैयत और मेनपावर संघ पूर्व में कार्यरत सभी कर्मियों की नौकरी बहाली की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।
संघ के लोगों का आरोप है कि प्रबंधन बार-बार नौकरी बहाल करने का आश्वासन देकर उन्हें गुमराह कर रहा है। सोमवार को मेनपावर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रदेव उरांव ने अंचलाधिकारी से मुलाकात कर उपायुक्त के नाम आवेदन सौंपा।
आवेदन में अभिजीत ग्रुप की ओर से बाना-चकला गांव में 1080 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से लेकर एआरसीआईएल कंपनी तक विस्थापितों को मिलने वाले रोजगार और मानदेय से जुड़ी जानकारी दी गयी है।
संघ ने बताया कि एनसीएलटी कोर्ट के आदेश के बाद ओएएसपीएल कंपनी ने उक्त प्लांट का अधिग्रहण किया। इसके बाद बड़ी संख्या में मेनपावर कर्मियों को एक साथ काम से हटा दिया गया। आंदोलन के बाद प्रबंधन ने कुछ कर्मियों को दोबारा बहाल किया और लिखित आश्वासन दिया था कि शेष कर्मियों को भी चरणबद्ध तरीके से कुछ महीनों के अंदर वापस लिया जाएगा।
कर्मियों का आरोप है कि आश्वासन देने के बाद कंपनी अपने वादे से पीछे हट गयी है। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर विस्थापित रैयतों और कर्मियों की मांगों पर उचित कार्रवाई करने तथा रोजगार सुनिश्चित कराने की मांग की है।
