केबल नहीं बदले जाने से अंधेरे में रह रही है पांच हजार आबादी

महुआडांड़ : प्रखंड की ओरसा पंचायत के ग्राम ओरसापाठ, कबरापाठ, चीरोपाठ, जामडीह एवं कुकुदपाठ की लगभग पांच हजार आबादी आज भी अंधेरे में रहने को विवश है. छह सौ घर के इस पंचायत में विद्युतीकरण के नाम पर केवल कुछ घरों में बिजली कनेक्शन कर दिया गया. एक वर्ष पहले इन घरों में बिजली आयी, […]

महुआडांड़ : प्रखंड की ओरसा पंचायत के ग्राम ओरसापाठ, कबरापाठ, चीरोपाठ, जामडीह एवं कुकुदपाठ की लगभग पांच हजार आबादी आज भी अंधेरे में रहने को विवश है. छह सौ घर के इस पंचायत में विद्युतीकरण के नाम पर केवल कुछ घरों में बिजली कनेक्शन कर दिया गया. एक वर्ष पहले इन घरों में बिजली आयी, जिसके बाद लोगों में खुशी का ठिकाना नहीं था.

लेकिन कुछ दिन बाद ही केबल ब्रस्ट हो गया और बिजली चली गयी. इसके बाद से इन गांवों में आज तक बिजली नहीं आयी है और न ही बिजली विभाग ने इस दिशा में कोई कोशिश ही किया है.

पंचायत की दूसरी सबसे बड़ी समस्या है पीने के पानी का न होना. यहां के लोग आज भी नाले और चुआंड़ी से पानी पीते हैं. सड़क की हालत भी काफी खराब है. प्रखंड मुख्यालय से 20 किलोमीटर की दूरी है ओरसा पंचायत की.
कई बार विधायक व अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया : ओरसा के मुखिया धर्मशाय नगेशिया ने बताया कि कई बार ओरसा पंचायत तक जाने वाले मुख्य मार्ग बनाने को लेकर उच्चाधिकारियों के अलावा क्षेत्रीय विधायक व सांसद तक को समस्या से अवगत कराया गया है.
एक सप्ताह पहले हामी पंचायत में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त जिशान कमर को आवेदन दे कर सड़क के अलावा गांवों में पीने के पानी एवं बूढ़ा नदी के तलाई बांध से सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की गुहार लगायी गयी है. विभाग द्वारा सिर्फ पोल और कई गांव में तार खींच दिये गये हैं.

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