कोडरमा: पीवीएसएस डीएवी पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया, कोडरमा में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न से सम्मानित, महान राजनेता व प्रखर कवि अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. विद्यालय परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया.
छात्र-छात्राओं ने वाजपेयी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला
कार्यक्रम में कक्षा सातवीं की आराधना एवं प्रत्यांशा तथा कक्षा आठवीं की खुशी कुमारी एवं खुशी तिवारी ने अंग्रेजी में, जबकि कक्षा सातवीं के रिषभ एवं कक्षा आठवीं की प्रत्यूषा ने हिंदी में अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. कक्षा आठवीं की पलक ने भावपूर्ण हिंदी कविता प्रस्तुत कर अटल जी की स्मृतियों को जीवंत कर दिया. वहीं, कक्षा सातवीं के अंकुश ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से अटल जी के जीवन, व्यक्तित्व एवं उपलब्धियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं. ये भी पढ़ें: शावकों संग बड़कीपोना गांव में घुसा 15 हाथियों का झुंड, 2 महिला को कुचलकर मार डाला
प्राचार्य : वाजपेयी के विचार आज भी युवाओं को प्रेरणा देती हैं
इस अवसर पर प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने विचारों, दूरदर्शिता, ओजस्वी वक्तृत्व और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण से देश के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन को गहराई से प्रभावित किया. वे कुशल राजनेता होने के साथ-साथ संवेदनशील कवि, प्रभावशाली वक्ता और उत्कृष्ट चिंतक भी थे. उनका जीवन संघर्ष, संयम, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है. उन्होंने कहा कि अटल जी ने राजनीति में शुचिता, संवाद और सहमति की भावना को सदैव महत्व दिया. उनके व्यक्तित्व में दृढ़ता के साथ विनम्रता और संवेदनशीलता का अद्भुत समन्वय था. उनके विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने तथा ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हैं.
अटल की रचनाएं कठिन परिस्थितियों में भी साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं
प्राचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व में वर्ष 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों ने भारत की सामरिक क्षमता और आत्मनिर्भरता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई. उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय विकास, आधारभूत संरचना, शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई. उन्होंने अटल जी के साहित्यिक व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदना, संघर्ष, आशा और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण की सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है. उनकी रचनाएं कठिन परिस्थितियों में भी आशा और साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
कार्यक्रम को सफल बनाने में इन लोगों की रही भूमिका
प्राचार्य सिंह ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अटल जी को केवल स्मरण न करें, बल्कि उनके आदर्शों को अपने व्यवहार और जीवन में भी उतारें. विद्यार्थियों ने राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने, देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाने तथा समाज में सद्भाव और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लिया. कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक सुजीत कुमार राणा, राय राकेश एवं राजन कुमार मिश्रा की भूमिका सराहनीय रही.
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