रेलवे ने किया आनंद मोहन को सम्मानित

रेल सुरक्षा का असली मतलब तब समझ में आता है जब संकट सामने हो और कोई अधिकारी समय रहते उसे पहचान कर टाल दे.

रेल पथ के वरिष्ठ अभियंता ने दिखाई तत्परता, बड़ी दुर्घटना होते-होते टली

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डीआरएम अखिलेश मिश्रा से पुरस्कार प्राप्त करते आनंद मोहन.

प्रतिनिधि

झुमरीतिलैया. रेल सुरक्षा का असली मतलब तब समझ में आता है जब संकट सामने हो और कोई अधिकारी समय रहते उसे पहचान कर टाल दे. कोडरमा में कार्यरत आनंद मोहन कुमार जो वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (पथ) के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने ऐसी ही मिसाल पेश की है. उनके द्वारा समय पर की गई कार्रवाई ने एक बड़ा रेल हादसा टाल गया. इस बहादुरी और जिम्मेदारी को देखते हुए धनबाद रेल मंडल द्वारा उन्हें सुरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उल्लेखनीय है कि 11 जून को कोडरमा रेल खंड में गश्ती के दौरान रेल ट्रैक में गंभीर तकनीकी खराबी को आनंद मोहन ने समय रहते चिन्हित किया. तत्परता दिखाते हुए उन्होंने टीम के साथ मिलकर तुरंत सुधार कार्य शुरू किया और जल्द ही पटरियों को पुनः सुरक्षित बना दिया. यदि यह खराबी समय पर नहीं पकड़ी जाती, तो बड़ी रेल दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता था. पुरस्कार मिलने पर आनंद मोहन कुमार ने कहा यह सिर्फ मेरा नहीं, पूरी टीम का पुरस्कार है. यदि हर कर्मचारी अपने कार्य के प्रति ईमानदार और सजग रहे, तो किसी भी बड़ी घटना को रोका जा सकता है. इसके अलावा पहाड़पुर के वरिय अनुभाग अभियंता दिवाकर कुमार को भी सम्मानित किया. दोनों ने कहा इस सम्मान के लिए धनबाद रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषकर डीआरएम अखिलेश मिश्रा और सुरक्षा शाखा का आभार जताया. रेलवे की ओर सकुल 28 कर्मचारियों को जून माह के लिए सुरक्षा पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है. सभी कर्मचारियों को धनबाद डीआरएम कार्यालय से सुरक्षा शाखा पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. धनबाद रेल मंडल ने आनंद मोहन की चौकसी, सजगता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरणादायक बताया है. कहा गया है कि अगर हर कर्मचारी इसी भावना से कार्य करे, तो भारतीय रेल दुनिया की सबसे सुरक्षित रेल व्यवस्था बन सकती है.

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Author: VIKASH NATH

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