कोडरमाः जोगबनी से निर्धारित समय पर रवाना होने वाली 15723 जोगबनी-सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस यात्रियों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनती जा रही है. ट्रेन प्रारंभिक स्टेशन से समय पर खुलने के बावजूद रास्ते में लगातार विलंबित होती चली जाती है और पिछले कई दिनों से दो से तीन घंटे की देरी से सिलीगुड़ी पहुंच रही है. इससे रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, मरीजों और अन्य यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. यात्रियों ने ट्रेन का परिचालन अररिया-पोवाखाली-ठाकुरगंज होकर कराने की मांग की है.
अररिया के बाद बढ़ने लगती है देरी
7 अगस्त के परिचालन रिकॉर्ड के अनुसार, ट्रेन सुबह पांच बजे जोगबनी से समय पर रवाना हुई. अररिया तक ट्रेन केवल 14 मिनट की देरी से पहुंची, लेकिन इसके बाद पूर्णिया तक एक घंटे से अधिक, कटिहार तक एक घंटा 16 मिनट, किशनगंज तक एक घंटा दो मिनट और ठाकुरगंज तक 48 मिनट विलंब से पहुंची. इससे स्पष्ट है कि अररिया के बाद ट्रेन की समयपालन व्यवस्था लगातार प्रभावित होती है.
ट्रैक की व्यस्तता बनी बड़ी वजह
रेल जानकारों के अनुसार, कटिहार-किशनगंज रेलखंड देश के व्यस्त रेल मार्गों में शामिल है. इस मार्ग पर लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का दबाव अधिक रहने के कारण इंटरसिटी और पैसेंजर ट्रेनों को कई स्थानों पर सिग्नल का इंतजार करना पड़ता है. कई जगह अभी भी सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों की क्रॉसिंग में अतिरिक्त समय लगता है. इसके परिणामस्वरूप कुछ मिनटों की देरी धीरे-धीरे घंटों में बदल जाती है.
लूज टाइमिंग से नहीं मिल रही वास्तविक राहत
यात्रियों का कहना है कि 15723/15724 जोगबनी-सिलीगुड़ी इंटरसिटी के टाइमटेबल में अंतिम हिस्से में पर्याप्त लूज टाइमिंग यानी रिकवरी टाइम रखा गया है. इसी कारण कई बार ट्रेन रास्ते में विलंबित होने के बावजूद अंतिम स्टेशन तक पहुंचते-पहुंचते देरी की भरपाई कर लेती है. यात्रियों का कहना है कि लूज टाइमिंग से केवल कागजों पर समयपालन बेहतर दिखाई देता है, जबकि वास्तविक परेशानी जस की तस बनी हुई है.
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नेपाल सीमा के यात्रियों को रात में होती है परेशानी
वापसी में चलने वाली 15724 सिलीगुड़ी-जोगबनी इंटरसिटी एक्सप्रेस का निर्धारित आगमन समय रात 2:45 बजे है. ऐसे में नेपाल सीमा से आने-जाने वाले यात्रियों, महिलाओं, बुजुर्गों, छात्रों और मरीजों को आधी रात के बाद जोगबनी पहुंचने पर भारी परेशानी उठानी पड़ती है. रात के समय सीमा पार करने, स्थानीय परिवहन की कमी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
रूट बदलने और समय संशोधन की मांग
यात्रियों का कहना है कि यदि 15723/15724 इंटरसिटी एक्सप्रेस का परिचालन गलगलिया-पोवाखाली-अररिया रेलखंड होकर किया जाए तथा वापसी में 15724 को सिलीगुड़ी से वर्तमान शाम सात बजे के बजाय शाम चार बजे रवाना किया जाए, तो ट्रेन रात करीब आठ बजे तक जोगबनी पहुंच सकती है. इससे नेपाल सीमा क्षेत्र के हजारों यात्रियों को आधी रात के बजाय शाम के समय सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा. साथ ही यात्रा दूरी और समय दोनों में कमी आएगी तथा रेलवे के परिचालन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
यात्री समिति ने उठाई मांग
ठाकुरगंज रेल यात्री समिति के संयोजक सह मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल, उपाध्यक्ष अरुण सिंह और सचिव अमित सिन्हा ने कहा कि वर्तमान में कटिहार से सिलीगुड़ी के लिए प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक ट्रेनें संचालित हैं. ऐसे में 15723/15724 जोगबनी-सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस का परिचालन अररिया-पोवाखाली-ठाकुरगंज होकर किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि इससे ट्रेन की लगातार हो रही देरी समाप्त होगी, यात्रा समय घटेगा और सीमांचल तथा नेपाल सीमा क्षेत्र के हजारों यात्रियों को समयबद्ध एवं सुविधाजनक रेल सेवा का लाभ मिल सकेगा.
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