सावन की अंतिम सोमवारी पर शिवमय हुआ झुमरीतिलैया, 777 सीढ़ियों पर गूंजा हर-हर महादेव

सावन की अंतिम सोमवारी पर झुमरीतिलैया के झरनाकुंड से जल लेकर ध्वजाधारी धाम के लिए निकले बम कांवरिया, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा पूरा शहर.

झुमरीतिलैया : कोडरमा जिले में सावन की अंतिम सोमवारी पर सोमवार को झुमरीतिलैया पूरी तरह शिवमय नजर आया. अहले सुबह से ही शहर की सड़कों पर कांवरियों का सैलाब उमड़ पड़ा. रात करीब 3 बजे से ही बम कांवरियों ने झरनाकुंड से पवित्र जल उठाकर ध्वजाधारी धाम की ओर पदयात्रा शुरू कर दी. हाथों में कांवड़, तन पर भगवा वस्त्र और जुबां पर हर-हर महादेव के जयघोष के साथ शिवभक्तों के जत्थे लगातार आगे बढ़ते रहे.

सुबह होते-होते शहर की प्रमुख सड़कें भगवा रंग में रंग गयीं. कोई कांवरिया समूह में तो कोई अकेले ही पवित्र जल लेकर ध्वजाधारी धाम की ओर बढ़ता दिखाई दिया. कठिन यात्रा के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था. सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा.

777 सीढ़ियां चढ़कर बाबा का करेंगे जलाभिषेक

कांवड़ यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण ध्वजाधारी धाम की पहाड़ी पर स्थित शिव मंदिर रहा. झरनाकुंड से पवित्र जल लेकर कांवरिये ध्वजाधारी धाम की 777 सीढ़ियां चढ़कर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए आगे बढ़े.

चिलचिलाती गर्मी और लंबी पदयात्रा के बाद भी शिवभक्तों के कदम नहीं रुके। रास्ते भर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा वातावरण गूंजता रहा. कई कांवरिये रविवार रात से ही यात्रा की तैयारी में जुट गये थे, जबकि सोमवार तड़के तीन बजे से झरनाकुंड से जल उठाने का सिलसिला शुरू हो गया.

ये भी पढ़ें: झारखंड में 26 साल से वन अधिकारियों की नियुक्ति नहीं, 61 रेंजरों के भरोसे 23 हजार वर्ग किमी जंगल की सुरक्ष

सेवा शिविरों में कांवरियों पर बरसा अपनापन

शिवभक्तों की सेवा के लिए शहर में जगह-जगह सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों ने सेवा शिविर लगाए. कहीं चाय-पानी और शरबत की व्यवस्था की गयी, तो कहीं कांवरियों के विश्राम और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया गया. स्वयंसेवक पूरे उत्साह के साथ कांवरियों की सेवा में जुटे रहे.

बाबा निवास शिव वाटिका के समीप भी कांवरियों के लिए शरबत की व्यवस्था की गयी. यहां कोलकाता से आये कलाकारों की ओर से शिव तांडव, इच्छाधारी नाग सहित विभिन्न धार्मिक प्रस्तुतियां दी गयीं. धार्मिक प्रस्तुतियों को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही और पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा रहा.

वहीं महाराणा प्रताप चौक के समीप लोहार समाज की ओर से कांवरियों के लिए शरबत की व्यवस्था की गयी. लंबी पदयात्रा के बीच शिवभक्तों ने यहां रुककर शरबत ग्रहण किया और कुछ देर विश्राम के बाद फिर बोल बम के जयघोष के साथ ध्वजाधारी धाम की ओर रवाना हो गये.

कायस्थ महासभा ने संभाला स्वास्थ्य का मोर्चा

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से बचाने के लिए कायस्थ महासभा की ओर से निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया. शिविर में कांवरियों की स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराया गया.

सेवा में जुटे स्वयंसेवकों ने कांवरियों की हरसंभव मदद की. भक्ति, आस्था और सेवा के इस संगम ने सावन की अंतिम सोमवारी पर झुमरीतिलैया को पूरी तरह शिवमय कर दिया.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >