झुमरीतिलैया. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को आयोजित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का जिले में व्यापक असर रहा. झुमरीतिलैया समेत जिलेभर की बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा. इससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हड़ताल से जिले में करीब 80 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है. हड़ताल के समर्थन में शुक्रवार की सुबह बैंक अधिकारी और कर्मचारी बैंक ऑफ इंडिया के समक्ष एकत्रित हुए और धरना देकर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया. इसके बाद करीब 250 से 300 बैंककर्मियों ने महाराणा प्रताप चौक, झंडा चौक होते हुए ब्लॉक रोड तक विरोध रैली निकाली. इस दौरान पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के समर्थन में नारेबाजी की गयी. प्रदर्शनकारियों ने निजी बैंकों से भी हड़ताल में सहयोग की अपील की. निजी बैंकों को भी बंद कराया गया. एलडीएम विमलकांत झा ने बताया कि हड़ताल से जिले की 65 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा. इससे करोड़ों रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ.
2024 से लंबित है पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग: यूएफबीयू प्रतिनिधियों ने कहा कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग वर्ष 2024 से इंडियन बैंक एसोसिएशन के समक्ष लंबित है. उनकी मांग है कि सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कार्य हो और शनिवार व रविवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित किया जाए. इसके अलावा सभी संवर्गों के लिए समान लाभ आधारित प्रोत्साहन (पीएलआइ) और कर्मचारियों के लिए राइट टू डिस्कनेक्ट व्यवस्था लागू करने की मांग की गयी.
28 से तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी : बैंककर्मियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की जायेगी. प्रदर्शन में यूएफबीयू कोडरमा जिला कार्यकारिणी सदस्य संदीप कुमार, विभिन्न सरकारी शाखाओं के शाखा प्रबंधक, संजीव कुमार, मुकेश कुमार, अंकित कुमार, शिवशंकर वर्णवाल, निवास कुमार, संतोष मिश्रा, संतोष कुमार सिंह, अरुण कुमार राम, विकास कुमार, राज कुमार, रूपा मिलवार समेत बैंक अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे.
