प्रखंड परिसर स्थित एक कमरे में रखा है करीब 150 बोरा चावल
विभागीय लापरवाही से लाभुकों को लेना पड़ रहा है खराब चावल
डोमचांच. केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक गरीबों को सस्ता अनाज उपलब्ध कराने को लेकर प्रयासरत है. पर विभागीय लापरवाही से सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है. जिले के अन्य जगहों की तरह डोमचांच प्रखंड में भी गरीबों के लिए आया अनाज सड़ने का मामला प्रकाश में आया है. आलम यह है कि सड़े अनाज के संबंध में जानकारी देने के लिए कोई पदाधिकारी व कर्मी तैयार नहीं है, जबकि सड़े हुए अनाज का ही वितरण लाभुकों के बीच किया जा रहा है.
ऐसे में लोगों में रोष है. जानकारी के अनुसार डोमचांच प्रखंड परिसर के एक कमरे में गरीबों का अनाज रखा-रखा सड़ गया. मंगलवार को कुछ लोग अन्नपूर्णा योजना का चावल लेने डोमचांच प्रखंड पहुंचे, जब गोदाम खोला गया तब देखा गया कि चावल सड़ गया है. करीब 150 बोरा चावल रखा है, जो अधिकतर सड़ चुका हैं. लोगों की माने, तो प्रखंड प्रशासन की लापरवाही के वजह से चावल सड़ गया. अन्नपूर्णा योजना के तहत चावल लेने पहुंचे डोमचांच उत्तरी के नारायण तुरी, खरखार के अर्जुन तुरी व महादेव तुरी को यहीं चावल दिया गया. इन लोगों ने बताया कि हमें सड़ा हुआ चावल ही लेना पड़ा. हमलोग गरीब आदमी हैं, ऐसे में हमारे बोलने के बावजूद कोई नहीं सुनता. ज्ञात हो कि योजना के तहत प्रत्येक महीना 10 किलो चावल का वितरण गरीबों के बीच किया जाता है. गोदाम में रखे चावल इस येाजना के तहत लाभुकों के बीच वितरण के लिए आया था, पर समय पर वितरण नहीं होने के कारण सड़ गया.
