सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन के विरोध में तेज हुआ प्रदर्शन
कोडरमा. सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन के विरोध में विपक्षी दलों द्वारा 25 नवंबर को बुलायी गयी झारखंड बंद की पूर्व संध्या पर तिलैया में मशाल जुलूस निकाला गया. भाकपा माले ने जुलूस निकाला. इसका नेतृत्व जिला सचिव मोहन दत्ता कर रहे थे. जुलूस पानी टंकी रोड से शुरू होकर झंडा चौक पहुंचा.
जहां मोहन दत्ता, श्यामदेव यादव, प्रेम प्रकाश, वीरेंद्र यादव, शंभु पासवान ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन प्रस्ताव को सरकार को अविलंब वापस लेना चाहिए. संशोधन आदिवासी मूलवासी विरोधी है. मौके पर नागेश्वर प्रसाद, सहदेव दास, महेंद्र पासवान, महादेव यादव, राजेंद्र पासवान मौजूद थे. इधर, एक्ट में संशोधन के विरोध में डोमचांच में सर्वदलीय मशाल जुलूस निकाला गया. जुलूस टैक्सी स्टैंड से होते हुए बाजार रोड, ढाब रोड व शहीद चौक आदि क्षेत्रों का भ्रमण किया व सरकार विरोधी नारे लगाये गये. जुलूस का नेतृत्व भाकपा माले नेता व पूर्व जिप सदस्य रामधन यादव ने किया. माले नेता रामधन यादव ने कहा कि सरकार का यह फैसला जनता पर थोपने जैसा है.
भाजपा की रघुवर सरकार आदिवासी व मूलवासी की जमीन हड़पना चाहती है. उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार की तुगलकी फरमान को चलने नहीं दिया जायेगा. मौके पर झाविमो केंद्रीय कमेटी सदस्य देवेंद्र मेहता, संतोष यादव, पूर्व उपप्रमुख आदर्श कुमार पंकज, राजद युवा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव, राजद के मनोज रजक, संजय दास, अंग लाल राम, महादेव साव, माले प्रखंड सचिव राजेंद्र मेहता, विनोद वर्णवाल, जीतेंद्र यादव, राम किशुन यादव, पिंटू सिंह, उपमुखिया आनंद कुमार, संजय सिंह धरावी, बबन खान, पंकज कुमार, सुरेंद्र यादव, अजय राम मौजूद थे.
काॅरपोरेट घरानों के लिए पास किया गया है बिल : अन्नपूर्णा
विपक्षी दलों द्वारा कल 25 नवंबर को बुलायी गयी झारखंड बंद का राष्ट्रीय जनता दल ने समर्थन का एलान किया है. एक्ट में संशोधन प्रस्ताव पर लाये गये बिल को पूर्व मंत्री सह राजद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड के आदिवासियों व मूल वासियों के हित में नहीं बताया है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश की रघुवर सरकार ने जिस तरह झारखंड के मूलवासी व आदिवासियों की हितों व भावनाओं के विरुद्ध असामाजिक तत्वों की मदद से विधानसभा में सीएनटी व एसपीटी में संशोधन विधेयक को पारित कराया, वह निंदनीय है. उन्होंने आम लोगों व व्यवसायियों से अपील है कि बंद को सफल बनाकर इस जनविरोधी कदम का विरोध करें. उन्होंने कहा कि सरकार ने काॅरपोरेट घराने के लिए यह बिल पास किया है.
