कोडरमा: सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर 24 अगस्त को झारनकुंड से ध्वजाधारी धाम तक आयोजित होने वाली कांवर पदयात्रा को सफल बनाने को लेकर शनिवार को उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता और पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशिष की संयुक्त अध्यक्षता में दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई. बैठक में कांवर पदयात्रा और ध्वजाधारी धाम में जलाभिषेक कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गयी.
डीसी और एसपी ने दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विधि-व्यवस्था बनाए रखते हुए कांवर पदयात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराएं. पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपसी समन्वय के साथ पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता से कार्य करने को कहा गया.
डीसी उत्कर्ष गुप्ता ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को निर्धारित समय से पूर्व अपने-अपने कर्तव्य स्थल पर पहुंचने और कार्यक्रम की समाप्ति तक प्रतिनियुक्त स्थल पर बने रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका होने पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
चार प्रमुख स्थलों पर चिकित्सा दल की होगी तैनाती
बैठक में डीसी ने सिविल सर्जन को पदयात्रा मार्ग पर विशेष चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा सके.
उन्होंने ध्वजाधारी पहाड़ धाम परिसर, रांची-पटना रोड स्थित हनुमान मंदिर, झरनाकुंड धाम और झुमरी तिलैया में चिकित्सा दल की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया. इसके अलावा झरनाकुंड धाम से ध्वजाधारी धाम तक करीब 15 किलोमीटर लंबी पदयात्रा के दौरान चलंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने को कहा गया.
ध्वजाधारी धाम में दो एंबुलेंस की व्यवस्था के साथ चिकित्सा कैंप लगाने का भी निर्देश दिया गया.
बैठक में डीडीसी रवि जैन, अपर समाहर्ता संजय पीएम कुजूर, एसडीओ निर्मल सोरेन, एसडीपीओ प्रमोद कुमार केसरी, डीटीओ विजय कुमार सोनी, डीएसओ राम रत्न वर्णवाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
