सिक्यूरिटी इंचार्ज के घर पर हमला

जयनगर : थाना क्षेत्र के ग्राम रेभनाडीह निवासी जूपिटर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज (गेडे फैक्टरी) के सिक्यूरिटी इंचार्ज भुवनेश्वर राम के घर पर बीती रात 10.30 बजे सैकड़ों लोगों ने हमला बोल दिया. हमलावर भुवनेश्वर राम को खोज रहे थे. हमलावरों ने इस दौरान उनके घर के मुख्य दरवाजा को तोड़ने का प्रयास किया, मगर सफल […]

जयनगर : थाना क्षेत्र के ग्राम रेभनाडीह निवासी जूपिटर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज (गेडे फैक्टरी) के सिक्यूरिटी इंचार्ज भुवनेश्वर राम के घर पर बीती रात 10.30 बजे सैकड़ों लोगों ने हमला बोल दिया. हमलावर भुवनेश्वर राम को खोज रहे थे.
हमलावरों ने इस दौरान उनके घर के मुख्य दरवाजा को तोड़ने का प्रयास किया, मगर सफल नहीं हो पाये. इस दौरान भुवनेश्वर राम का पुत्र रजनीश कुमार उनकी पकड़ में आ गया. हमलावरों ने उसे मारपीट कर बुरी तरह से घायल कर दिया. फिलहाल रजनीश का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. घटना की शबर सुन ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी. इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना दूरभाष पर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार झा को दी. उन्होंने तत्काल पुलिस निरीक्षक राजवल्लभ पासवान व थाना प्रभारी हरिनंदन सिंह को घटनास्थल पर भेजा. इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ देख कर हमलावर भाग निकले. पुलिस पदाधिकारी देर रात तक जमे रहें.
भुवनेश्वर राम की घर की सुरक्षा में पुलिस के चार जवानों को तैनात किया गया. सुबह पांच छह बजे जवानों के वहां से हटते हुए हमलावरों ने लगभग 9.30 बजे श्री राम के घर पर हमला बोला. मौके पर थाना प्रभारी हरिनंदन सिंह ने खदेड़ कर उन्हें भगाया. हालांकि इस मामले में अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है. गत माह भी श्री राम पर तेतरियाडीह के युवकों ने जानलेवा हमला कर उन्हें और उनके पुत्र रजनीश को घायल कर दिया था.
घायल अवस्था में बरियातु थाना के समक्ष दिये गये फर्द बयान के आलोक में तेतरियाडीह के नारायण यादव, अनिल यादव, महेश रंजन, अरिवंद यादव, जितेंद्र यादव, रामप्रसाद यादव, बंशी यादव, मंटू यादव को नामजद आरोपी बनाया गया था. हालांकि मामले में आज तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल: इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगा है. माले नेता राजकुमार पासवान ने कहा कि पुलिस ने यदि पूर्व में किये गये हमले के नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया होता, तो शायद यह घटना नहीं घटती.
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस प्रशासन मौन है. पुलिस की कार्यशैली से अपराधियों समेत दबंगों का मनोबल बढ़ गया है. ऐसे लोगों में पुलिस का भय नहीं रह गया है. यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो माले पुलिस के खिलाफ आंदोलन करेगी. गत माह हुए हमला के नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर माले ने 27 मई को प्रतिवाद मार्च निकाला गया था.

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