शिक्षा का अधिकार : 37 में मात्र 20 गरीब बच्चों का चयन

जिले में शिक्षा का अधिकार का लोग ठीक से लाभ नहीं उठा पा रहे हैं.

प्रतिनिधि, खूंटी.

जिले में शिक्षा का अधिकार का लोग ठीक से लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. ऐसा नहीं है कि जिले में इसकी सुविधा नहीं दी जा रही है, बल्कि जागरूकता के अभाव में ऐसा हो रहा है. जिले में कुल चार स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत उपलब्ध सीट में से 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिया जाना है. इसके तहत जिले के चार स्कूलों में कुल 37 सीट उपलब्ध है. जिसमें खूंटी डीएवी, टीसीआइ गोविंदपुर और चिल्ड्रेन ऑफ द न्यू डॉन में 10-10 सीट तथा कैथरीन एकेडमी पेलोल में सात सीटें उपलब्ध है. इसके बदले महज 28 आवेदन ही आये थे. जिसमें से 20 का ही चयन हो सका है. जिनका चयन नहीं हुआ, उसमें कुछ के दस्तावेज पूरे नहीं थे और कुछ के आवेदन को अस्वीकृत किया गया. जानकारी के अनुसार डीएवी खूंटी में 10 में से नौ, कैथरीन एकेडमी पेलौल में सात में से चार, टीसीआइ गोविंदपुर में 10 में से चार, चिल्ड्रन ऑफ द न्यू डॉन में तीन छात्रों का चयन हुआ है. शेष सीट अब भी रिक्त हैं. इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक अभय कुमार शील ने कहा कि कुछ विद्यार्थियों के दस्तावेज पूरा जमा नहीं हुआ था. जिन पर आपत्ति की गयी थी. उनसे फिर से दस्तावेज की मांग की जायेगी. उन्होंने बताया कि इसके बाद भी सीटें रिक्त रहने पर फिर से विज्ञापन निकाल कर रिक्त सीटों को भरा जायेगा.

क्या है शिक्षा का अधिकार :

शिक्षा का अधिकार के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान है. इसके तहत निजी स्कूलों में भी गरीब बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीट रिजर्व है. इसके तहत स्कूल के प्रारंभिक कक्षा के उपलब्ध सीट में से 25 प्रतिशत सीट पर गरीब बच्चों का नामांकन किया जाता है. इसका चयन जिला शिक्षा कार्यालय के द्वारा किया जाता है. चयनित बच्चों का निजी स्कूल में स्कूल फीस सरकार देती है. इसके तहत स्कूल के अधिकतम छह किलोमीटर दायरे के वैसे गरीब बच्चे जिनका परिवार बीपीएल सूची में शामिल है, उनका नामांकन लिया जाता है. इसके तहत जिले में चार स्कूल ही पंजीकृत हैं.

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Author: CHANDAN KUMAR

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