रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट
खूंटी : कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संभावित झारखंड दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने तैयारियां तेज कर दी हैं. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के झारखंड प्रभारी के. राजू ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को पत्र भेजकर कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. राहुल गांधी ने नवंबर 2026 के प्रथम सप्ताह में आयोजित होने वाले दो बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने की अपनी सहमति प्रदान कर दी है.
खूंटी में पारंपरिक ग्राम प्रधानों से संवाद और रांची में प्रशिक्षण शिविर
राहुल गांधी के दौरे के दौरान दो मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. पहला कार्यक्रम खूंटी में प्रस्तावित है, जहां राहुल गांधी 'पेसा' (PESA) नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पांचवीं अनुसूची वाले गांवों के पारंपरिक ग्राम प्रधानों के साथ सीधे संवाद करेंगे. दूसरा कार्यक्रम राजधानी रांची में आयोजित होगा, जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के अध्यक्षों का प्रशिक्षण सह-सम्मेलन और उनके परिजनों के साथ विशेष बैठक शामिल है.
अक्टूबर में प्रखंड स्तर पर आयोजित होंगी पेसा कार्यशालाएं
झारखंड प्रभारी के. राजू ने PCC अध्यक्ष को निर्देश दिया है कि पांचवीं अनुसूची वाले गांवों के सभी पारंपरिक ग्राम प्रधानों की सूची संबंधित जिला अध्यक्षों को उपलब्ध कराई जाए. इसके साथ ही, राहुल गांधी के आगमन से पहले अक्टूबर महीने में ही प्रखंड मुख्यालय स्तर पर ग्राम सभा प्रधानों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी. इन कार्यशालाओं में DCC अध्यक्ष, प्रखंड अध्यक्ष और PESA के मास्टर ट्रेनरों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी.
ये भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट ने निर्दोष अभ्यर्थियों को परेशानी से बचाने के लिए बनाया 'सुरक्षा कवच', रिटायर्ड जज करेंगे निगरानी
निजी निमंत्रण और प्रचार के लिए गठित होंगी राज्य-स्तरीय समितियां
राहुल गांधी के संवाद कार्यक्रम में हर पारंपरिक ग्राम प्रधान की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत निमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे. कार्यक्रम के सुचारू प्रबंधन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राज्य और जिला स्तर पर विशेष समितियों का गठन किया जा रहा है. आयोजन की पूरी निगरानी प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और जिला प्रभारियों के जिम्मे होगी.
झारखंड में पेसा नियमावली लागू होने को कांग्रेस बता रही अपनी उपलब्धि
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पेसा कानून (PESA Act) वर्ष 1996 में बना था, लेकिन राज्य में इसकी नियमावली 27 जुलाई 2026 को अधिसूचित की गई. कांग्रेस कोटे से आने वाली राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडये सिंह ने इस नियमावली को लागू कराने में अहम भूमिका निभाई थी. कांग्रेस राज्य में पेसा नियमावली के लागू होने को अपनी बड़ी राजनीतिक और नीतिगत उपलब्धि के रूप में जनता के बीच पेश कर रही है.
ये भी पढ़ें: झारखंड कैबिनेट की बैठक 25 सितंबर को, कई बड़े प्रस्तावों पर लगेगी मुहर
