सोनाहातू. प्रखंड क्षेत्र के पांडुडीह गांव में श्री चैती दुर्गा पूजा समिति महातीर्थ सटीघाट पांडुडीह में बुधवार को भव्य कलश यात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गयी. कलश यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं व कुंवारी कन्यायें माथे पर कलश धारण कर शामिल हुईं. गाजे-बाजे के साथ निकाली गयी कलश यात्रा से महातीर्थ सतीघाट पांडुडीह व बारेंदा पंचायत आसपास के क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया. इस दौरान मां दुर्गे के उदघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा. जयकारे के साथ कलश यात्रा त्रिवेणी संगम सतीघाट की स्वर्णरेखा नदी पहुंची. जहां पंडित अजय शुक्ला, धीरेंद्रनाथ शुक्ला ने पूजा-अर्चना की. विधि-विधान के साथ कलश में जल भर कर महातीर्थ सतीघाट से पांडुडीह स्थित स्थापित चैती दुर्गा मंदिर में वापस आकर कलश यात्रा का समापन हुआ. चैती दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि पांडुडीह में चैती दुर्गा पूजा 2013 से होती आ रही है. कलश यात्रा में प्रदीप महतो, बिपिन महतो, चंद्रकांत महतो, बुधेश्वर महतो, सीताराम महतो, चौधरी महतो, धनन्जय महतो, परमेश्वर महतो, नंदकिशोर महतो, हरेकृष्ण महतो, विश्वकर्मा महतो, पुरंदर हजाम समेत सैकड़ों की संख्या में पुरुष एवं महिलाएं श्रद्धालु शामिल थे.
चैती दुर्गा पूजा को लेकर पांडुडीह में निकली कलश यात्रा
श्री चैती दुर्गा पूजा समिति महातीर्थ सटीघाट पांडुडीह में बुधवार को भव्य कलश यात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गयी.

चैती दुर्गा पूजा को लेकर पांडुडीह में निकली कलश यात्रा