वक्ताओं ने 10वां वेतन समझौता नहीं होने का ठिकरा केंद्र सरकार पर फोड़ा
तीन दिवसीय प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान
पिपरवार : संयुक्त मोरचा ने गुरुवार को पिपरवार जीएम ऑफिस के समक्ष प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में यूसीडब्ल्यूयू, सीसीएल सीकेएस, जेएमएस, सीएमयू, आरसीएमएस, सीटू व एजेएसयू के काफी संख्या में प्रतिनिधि व मजदूर शामिल हुए. सात सूत्री केंद्रीय व छह सूत्री स्थानीय मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सीसीएल प्रबंधन व केंद्र सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की.
वक्ताओं ने केंद्र सरकार की सुनियोजित साजिश कराते देते हुए सीएमपीएफ का इपीएफ में विलय व 10वां वेतन समझौता में अड़ंगा डालने का आरोप लगाया. बताया गया कि संडे व ओटी बंद कर देने से इमरजेंसी ड्यूटी प्रभावित हुआ है. वक्ताओं ने स्थाई प्रकृति के कार्यों के लिए असंगठित मजदूरों को समान वेतन देने की मांग की. इसके अलावा कोयले में लगी आग, क्षेत्र में व्याप्त प्रदूषण, अनियमितता आदि स्थानीय मुद्दों पर विजिलेंस जांच की मांग करते हुए वक्ताओं ने 19 से 21 जून तक संयुक्त मोरचा का प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने की अपील की. कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा गया.
संबोधित करने वालों में इसलाम अंसारी, रवींद्र नाथ सिंह, मुंद्रिका प्रसाद, भीम सिंह यादव, बीके झा, विजय कुमार, रामू गोप, दीपक चटर्जी, विनोद सिंह, अरविंद शर्मा, श्री प्रसाद, उमेंद्र कुमार, विजेंद्र कुमार, सुभाष कुमार, कामेश्वर राम, कुर्बान, निर्मल सिंह आदि शामिल हैं.
