खूंटी जिले से सटे बंदगांव में शनिवार को हर्षोल्लास सरहुल मनाया गया.
By CHANDAN KUMAR | Updated at :
प्रतिनिधि, खूंटी.
खूंटी जिले से सटे बंदगांव में शनिवार को हर्षोल्लास सरहुल मनाया गया. आदिवासी समुदाय के लोगों ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया. इससे पहले बंदगांव के लुम्बई के सरना स्थल में पूजा-अर्चना किया गया. इसके बाद शोभायात्रा निकाली गयी. शोभायात्रा लुम्बई जोड़ी हेसा से रांची-चाईबासा मुख्य पथ होते हुए बिरसा हाई स्कूल मैदान पहुंची. मुखिया करम मुंडरी ने कहा कि सरहूल पर्व आदिवासी समुदाय के नये वर्ष का उत्सव है. जो प्रकृति पूजा पर केन्द्रित है. आदिवासी परंपरानुसार सैकड़ों वर्षाें से सरहुल मनाते रहे हैं. सरहुल के अवसर पर हजारों लोगों का एक जगह आपसी मतभेद को भुलाकर एकत्र होना सराहनीय है. जदुराय मुंडरी ने कहा सरहुल सैकड़ों वर्षों से मनाया जा रहा है. नंदू मुंडरी ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति में अपने जीवन का एक सौंदर्यपूर्ण संबंधों को समेटे हुए एक नये साल की शुरुआत करता है. शोभायात्रा में प्रथम पुरस्कार मेरो मगुटू पंचायत कटोवा को दिया गया. वहीं द्वितीय पुरस्कार सावनियां पंचायत ग्राम कतिंगकेल और तृतीय पुरस्कार पंचायत चम्पावा ग्राम मामला को दिया गया. मौके पर बंदगांव मुखिया करम सिंह मुंडरी, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष जदुराय मुंडरी, चंपवा मुखिया कानू तैसुन, मेरमगुटू मुखिया चिरपी बोदरा, मुखिया रजनी पुष्पा, नंदू मुडरी, सुगना मुंडरी, सुखलाल मुंडरी, कालीदास पूर्ति जगरनाथ मुंडा, बुधवा मुंडा, नंदा मुंडरी, हरिचरण मुंडरी, जोटो सडी पूर्ति सहित अन्य उपस्थित थे.