इ-पोर्टल के विरोध में बंद रही खूंटी की दवा दुकानें

खूंटी : जिला केमिस्टस एंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन के आह्वान पर जिले की सभी दवा दुकानें मंगलवार को मांगों के समर्थन में बंद रहे. एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोप ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय दवा व्यवसायिओं के लिए इ-पोर्टल लागू करने की कोशिश कर रही है. इस नयी पद्धति के लागू होने से […]

खूंटी : जिला केमिस्टस एंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन के आह्वान पर जिले की सभी दवा दुकानें मंगलवार को मांगों के समर्थन में बंद रहे. एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोप ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय दवा व्यवसायिओं के लिए इ-पोर्टल लागू करने की कोशिश कर रही है. इस नयी पद्धति के लागू होने से दवा दुकानदारों को व्यवसाय करना मुश्किल हो जायेगा.
इ-पोर्टल व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है. अत: सरकार इसे लागू न करे. अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जायेगा. सचिव यशवंत कुमार, कोषाध्यक्ष नवीन कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष जयवीर लाल, संगठन सचिव जितेंद्र सिंह एवं सह सचिव विष्णु भगत ने कहा कि इ-पोर्टल में दवा निर्माता अपने को निबंधित करेगी.
पोर्टल में सीएनएफ, थोक विक्रेता को दिये गये औषधि का पूरा डेटा अपलोड करना होगा. दवा दुकानदार चिकित्सक की परची को स्कैन करने में लगे रहेंगे या फिर तत्काल रोगियों को दवा देंगे. उक्त नयी पद्धति दवा दुकानदारों के लिए कदापि हितकारी नहीं है. हम सभी रोगियों को तत्काल दवा देना चाहते हैं. जिससे उसकी जान को कोई खतरा न हो. परची को स्कैन या लिंक फेल होने पर रोगी को तुरंत दवा नियम के तहत हम चाह कर भी नहीं दे सकते हैं.
तैयार था सदर अस्पताल : दवा दुकानदारों के आंदोलन को लेकर सदर अस्पताल में रोगियों के लिए जरूरत की सभी दवाओं का स्टॉक किया गया था. किसी भी रोगी को दवा की परेशानी नहीं होने दी गयी. आंदोलन के मद्देनजरएसडीओ ने 29 मई को ही सिविल सर्जन को दवा दुकान बंद के मद्देनजर सभी दवाइयों के साथ तैयार रहने को कहा था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >