खूंटी : उपायुक्त डॉ मनीष रंजन ने सोमवार को समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत जिला स्तरीय बाल संरक्षण समिति की पहली बैठक की. जिसमें सर्वप्रथम समिति के उद्देश्य एवं कार्य के संबंध में बाल संरक्षण पदाधिकारी ने विस्तार से जानकारी दी. कहा कि खूंटी में ग्राम स्तर सहित तीन प्रखंडों में बाल संरक्षण समिति का गठन किया जा चुका है. शेष प्रखंडों में गठन कर प्रक्रिया चल रही है.
जिला स्तरीय बैठक में समिति के सदस्यों को उनके कार्य व कर्तव्यों की जानकारी दी गयी. बैठक में डीसी ने कहा कि बच्चों के संरक्षण को लेकर हम सभी को संवेदनशील होकर कार्य करना होगा. अगर हम एक भी बच्चा को कठिन परिस्थिति से निकाल कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हैं, तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी. उन्होंने आगे कहा कि हर तिमाही में समिति की बैठक आयोजित कर बच्चों से संबंधित समस्याओं का निराकरण किया जाये.
उन्होंने कहा कि गुमशुदा एवं कठिन परिस्थिति में रह रहे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा पोषण के संबंध में समय-समय पर चर्चा कर समस्याओं का निराकरण किया जाये. उन्होंने टोल फ्री नंबर 1098 का लोगों के बीच व्यापक प्रचार करने की बात कही.
बच्चों के सुझाव व समस्याओं के लिए प्रखंड एवं जिला स्तर पर शिकायत व सुझाव पेटी रखें तथा प्राप्त पत्रों की समीक्षा की करें. उपायुक्त ने खूंटी जिला में जिन बच्चे का पुनर्वास हुआ है इसकी सूची उपलब्ध कराने के लिए जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष को कहा. उपायुक्त ने कहा कि यह फोरम कागज पर कार्य न कर, क्षेत्र में कार्य करे. प्रखंड स्तर पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के प्रत्येक बैठक में बाल संरक्षण से संबंधी कोई समस्या है तो उसे रखें तथा उसका समाधान करें. सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीण परिवार के सदस्यों को दें.
सरकार द्वारा संचालित कौशल विकास योजना में बाल श्रम या बाल संरक्षण से संबंधित परिवार के सदस्यों को जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है, कौशल विकास का प्रशिक्षण दिलायें. यह प्रशिक्षण नि:शुल्क है. प्रशिक्षण के उपरांत कौशल विकास एजेंसी द्वारा उनका प्लेसमेंट भी कराया जायेगा. ड्रॉप आउट बच्चे हैं तो उन्हें स्कूल भेजें. ग्रामीण बच्चे जो बीमार है उन्हें अस्पताल में भरती करायें.
उपायुक्त ने पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ एक कार्यशाला करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने कहा कि बाल संरक्षण समिति जो जिला, प्रखंड व ग्राम स्तर पर गठित है, उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित जल्द हो.
उपायुक्त ने पदाधिकारियों से क्षेत्र भ्रमण के दौरान शिशु, बालक, बालिका से संबंधित कोई समस्या नजर आती है तो जिला प्रशासन को सूचित करें. कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास हम सभी का उद्देश्य होना चाहिए. इस बैठक में जिला के संबंधित विभाग के अधिकारी व समाजसेवी संस्था के लोगउपस्थित थे.
