कोल इंडिया में मजदूरों के हित संबंधी नीतिगत फैसलों का विरोध
खलारी : राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ की एनके एरिया इकाई ने कोल इंडिया में मजदूरों के हित संबंधी नीतिगत फैसलों के विरोध में बुधवार की शाम मशाल जुलूस निकाला. जुलूस डकरा गुरुद्वारा चौक से निकलकर एनके जीएम ऑफिस तक गया. जुलूस के दौरान आरसीएमएस नेता व कोयला कामगारों ने केंद्र सरकार अौर सीसीएल प्रबंधन के विरोध में नारे लगाये. जीएम ऑफिस पहुंच कर जुलूस सभा में तब्दील हो गया. सभा में वक्ताओं ने कहा कि कोल इंडिया में नीतिगत बदलाव लाकर केंद्र सरकार कोयला मजदूरों के हितों का नुकसान करने पर आमादा है. सीएमपीएफ की इपीएफ में विलय की तैयारी की जा रही है.
दसवें वेतन समझौता को लागू करने की दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है. मजदूर यूनियनों को कमजोर करने का षड़यंत्र चल रहा है. संडे लीव और ओटी जैसी सुविधाओं में कटौती की तैयारी है. आरसीएमएस के पदाधिकारियों ने कहा कि इस मशाल जुलूस के माध्यम से प्रबंधन के खिलाफ बिगुल फूंक दिया गया है. मजदूरों के हितों को किसी भी तरह नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गयी, तो आंदोलन अौर तेज होगा. खलारी क्षेत्र से एक छटांक कोयला बाहर नहीं जाने दिया जायेगा.
सभा के बाद प्रबंधन को चार सूत्री मांग संबंधित ज्ञापन सौंपा गया. जुलूस में मुख्य रूप से आरसीएमएस के एरिया अध्यक्ष बीएन पांडेय, एरिया सचिव अब्दुल्ला अंसारी, नूर मोहम्मद, कक्कू सिंह, जयंत पांडेय, इसहाक अंसारी, अवधबिहारी पांडेय, कमला मुंडा, जसवंत पांडेय, शंकर सिंह, प्रदीप पांडेय, प्रकाश दुबे, पजू महतो, संतोष कोशले, पीएन दुबे, सोनू पांडेय, सुनील सिंह, बीगू विश्वकर्मा, विनय चौहान, बसंत मुंडा, कन्हाई पासी, विजय चौहान, मो आबिद, मोबिन खान, विजय कुमार, योगेंद्र पासवान, गुड्डू सिंह, बिकेश सिंह सहित काफी संख्या में कामगार शामिल थे.
