प्रभातफेरी निकाली गयी, भंडारा में शामिल हुए सैकड़ों अनुयायी
खूंटी : महर्षि मेंही आश्रम मलियादाग (मुरहू) में मंगलवार को संत सदगुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज की 133वीं जयंती मनायी गयी. मौके पर प्रवचन व भजन का कार्यक्रम हुआ. इस अवसर पर बड़ी संख्या में अनुयायी उपस्थित थे. इससे पूर्व सुबह में प्रभातफेरी निकाली गयी. जिसमें बंदगांव, गोड़ाटोली, बगमा, हेठगोवा, सेल्दा आदि जगहों से काफी संख्या में अनुयायी शामिल हुए. भजन व ध्यान कार्यक्रम के उपरांत भंडारा का आयोजन किया गया. मौके पर डॉ धर्मेंद्र नाथ तिवारी, संजय गुप्ता, सूरजमल प्रसाद, भैयाराम मुंडा, सुबोध कुमार, जगन्नाथ मुंडा, लोदरो पाहन, मागो मुंडा, दुखेंद्र ठाकुर, जगमोहन, सुगन दास, कांडे मुंडा, शिव मुंडा सहित सैकड़ों अनुयायी मौजूद थे.
जीव की चेतना शक्ति को समझने की जरूरत
प्रवचन में स्वामी लक्ष्मण बाबा ने कहा कि महर्षि मेंही युग पुरुष थे. उन्होंने कहा था कि इस अल्प जीवन में भी जो लोग सुख-सुविधा में तल्लीन रहते हैं या इसी में अपनी भलाई समझते हैं, वे अत्यंत भूल में है. ईश्वर की भक्ति व अच्छा आचरण मनुष्य में है, तो ठीक वरना वह पशु के समान है. स्वामी जी ने कहा कि सांसारिक सुखों की तरफ भागने से मानसिक तनाव होता है.
उन्होंने इस पर अंकुश के लिए नशा, हिंसा, झूठ, चोरी व व्यभिचार त्यागने पर बल दिया. कहा कि जो जैसा बोयेगा, वैसा काटेगा के सिद्धांत को लागू करने के लिए किसी बाहरी शक्ति की आवश्यकता नहीं है. जीव की चेतना शक्ति ही उसके लिए निर्णायक है व किये का फल निर्धारित करती है. ऐसे में सबों को जीव की चेतना शक्ति को समझने की जरूरत है. विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ महतो ने महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के बताये मार्ग पर चलने की अपील की. श्री महतो ने मलियादाग आश्रम में एक सत्संग भवन बनाने में योगदान देने का आश्वासन दिया.
