दो वर्ष से अस्पताल में एक डॉक्टर तक नहीं में

खलारी : खलारी सीमेंट कारखाने का अस्पताल अपनी बदहाली के सबसे खराब दौर से गुजर रहा है. इस अस्पताल में पिछले दो वर्ष से एक डॉक्टर तक नहीं है. आज यह स्थिति है कि स्थायी कामगार के रूप में अस्पताल में केवल एक नर्स व एक स्वीपर है. इसके अलावा प्रबंधन ने अनुबंध पर अवकाश […]

खलारी : खलारी सीमेंट कारखाने का अस्पताल अपनी बदहाली के सबसे खराब दौर से गुजर रहा है. इस अस्पताल में पिछले दो वर्ष से एक डॉक्टर तक नहीं है. आज यह स्थिति है कि स्थायी कामगार के रूप में अस्पताल में केवल एक नर्स व एक स्वीपर है. इसके अलावा प्रबंधन ने अनुबंध पर अवकाश प्राप्त एक कंपाउंडर व एक नर्स को रखा है. अस्पताल में एक भी दवा नहीं है. भवन जर्जर हो चला है. वर्षों से रंग रोगन तक नहीं हुआ है.
वर्तमान कारखाना प्रबंधन अस्पताल को केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए ढो रहा है. कारखाने में लगभग एक सौ कामगार बचे हैं. डॉक्टर नहीं होने के कारण कामगार या उनके परिजन भी अब अस्पताल नहीं जाते. औपचारिकता के लिए ही कंपनी ने एक एंबुलेंस भी ले रखा है जिसका उपयोग मेडिकल से इतर अन्य कार्यों के लिए किया जाता है.
एसीसी प्रबंधन के समय सुविधाअों की चर्चा होती थी : 1989 तक यह कारखाना एसीसी लिमिटेड का था. एसीसी प्रबंधन के रहते इस अस्पताल की सुविधाअों की चर्चा होती थी. अस्पताल में एक पुरुष व एक महिला चिकित्सक हुआ करते थे. आउटडोर, इनडोर से लेकर नर्सिंग की बेहतर सुविधा थी. डॉक्टर की लिखी पर्ची में शायद ही कोई दवा होती थी, जो अस्पताल में न हो. सीमेंट कॉलोनी से कामगारों के परिजनों को अस्पताल ले जाने तथा पहुंचाने के लिए एंबुलेंस घर-घर घूमा करता था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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