JPSC-JSSC गड़बड़ी में अभय तिवारी का नेटवर्क, भाई- पत्नी भी कर रहे थे एजेंट का काम

JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. जांच में सामने आए नए तथ्यों से पता चला है कि अभय तिवारी का सिंडिकेट दोनों परीक्षाओं में गड़बड़ी में शामिल था. उसके भाई और पत्नी भी इस मामले में आरोपी बनाए गए हैं.

JPSC Scam : जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा और नियुक्ति गड़बड़ी की जांच कर रही सीआइडी को नये तथ्य मिले हैं. जांच में टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के सिंडिकेट की भूमिका दोनों परीक्षाओं में सामने आयी है. जेएसएससी मामले में गिरफ्तार उसके भाई अक्षय तिवारी और पत्नी सुषमा तिवारी को अब जेपीएससी मामले में भी आरोपी बनाया गया है. सीआइडी दोनों मामलों की जांच अलग-अलग प्राथमिकी के तहत कर रही है. जेपीएससी मामले में कांड संख्या 16/2026 और जेएसएससी मामले में कांड संख्या 01/2025 दर्ज है. दोनों की जांच आइपीएस अनूप बिरथरे के नेतृत्ववाली 17 सदस्यीय एसआइटी कर रही है. अभय को जेपीएससी मामले में जुलाई में गिरफ्तार किया गया था. बाद में उसे जेएसएससी मामले में भी आरोपी बनाया गया. अक्षय और सुषमा की गिरफ्तारी अगस्त में जेएसएससी मामले में हुई थी. 

सुषमा ने तोड़ा मोबाइल, लोकेशन से मिले सुराग 

जांच में पता चलाकि अभ्यर्थियों से ली गयी राशि में से दो लाख रुपये सुषमा के एसबीआइ खाते में जमा हुए थे. रकम अक्षय ने भेजी थी. इसका संदेश सुषमा के मोबाइल पर आया था. जांच शुरू होने के बाद उसने मोबाइल तोड़कर नष्ट कर दिया.

ये भी पढ़ें: JSSC-CGL समेत अन्य नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर रोक बरकरार, 7 अक्टूबर को अगली सुनवाई

मोबाइल लोकेशन से CID को अहम सुराग 

सीआइडी को उसके बैंक लेन-देन के अलावा मोबाइल लोकेशन से भी सुराग मिले. उसका लोकेशन बोकारो के उन स्थानों पर मिला, जहां अभ्यर्थियों को परीक्षा के उत्तर रटाने की बात सामने आयी है. पूछताछ में सुषमा ने कई बिंदुओं पर जानकारी दी है. अक्षय के मोबाइल रिकॉर्ड से पता चला कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा से एक दिन पहले, 21 सितंबर 2024 को वह बोकारो के दुग्धा में था. यहां अभ्यर्थियों को उत्तर रटाने की बात जांच में सामने आयी है. जबकि उसका परीक्षा केंद्र गिरिडीह था. जांच में यह भी सामने आया कि अक्षय ने अभय के सिंडिकेट की मदद से जेपीएससी पीटी परीक्षा पास की थी. 

ये भी पढ़ें: मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे लोग, पुलिस ने छह माह से एक साल पुराने फोन बरामद कर 25 चेहरों पर लौटाई मुस्कान

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By पंकज कुमार त्रिपाठी

पंकज त्रिपाठी प्रभात खबर में वरिष्ठ पत्रकार हैं. वर्तमान में राज्य पुलिस मुख्यालय, गृह विभाग, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ), प्रवर्तन निदेशालय (इडी), लोकायुक्त और अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) की बीट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं. झारखंड की जांच एजेंसियों और कानून प्रवर्तन तंत्र में उनकी गहरी पकड़ उन्हें क्षेत्र के सबसे विश्वसनीय पत्रकारों में शामिल करती है. पत्रकारिता के 25 वर्षों के दौरान पंकज ने प्रमुख मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभायी हैं.

दैनिक जागरण में मुख्य संवाददाता के तौर पर उन्होंने राज्य स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को संभाला. दैनिक भास्कर में वे राज्य ब्यूरो के विशेष संवाददाता के रूप में लंबे समय तक कार्य करते रहे और साथ ही झारखंड राज्य जांच दल के प्रभारी के रूप में पांच साल तक महत्वपूर्ण तहकीकात में नेतृत्व दिया. उन्होंने लंबे समय तक झारखंड विधानसभा, भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबंधित राजनीतिक रिपोर्टिंग की है.

भ्रष्टाचार, भर्ती घोटालों, भूमि घोटाला, सरकारी खरीद में अनियमितताओं और जनहित के मुद्दों को उजागर करने में उनका प्रदर्शन मजबूत है. विशेषकर झारखंड लोक सेवा आयोग परीक्षा घोटाले की गहन जांच के लिए उन्हें मीडिया जगत में विशेष पहचान मिली है. जांच-पड़ताल की पत्रकारिता में पंकज त्रिपाठी की दक्षता, खोजी रिपोर्टिंग में उनकी तीक्ष्णता और सूचनाओं को स्रोत तक पहुंचाने की क्षमता उन्हें झारखंड की राजनीति, प्रशासन और कानून व्यवस्था के जटिल मामलों को समझने का एक विश्वसनीय नाम बनाती है.

📩 संपर्क. pankaj75.pt@gmail.com

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >