Jharkhand Weather: पश्चिमी झारखंड में चक्रवात, देवघर-धनबाद समेत 12 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट

Jharkhand Weather: झारखंड के पश्चिमी हिस्से में बने चक्रवात के असर से झारखंड में कई जगह वर्षा होगी. देवघर-धनबाद समेत 12 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी हुआ है.

Jharkhand Weather: पश्चिमी झारखंड में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसकी वजह से राज्य के कम से कम 12 जिलों में भारी वर्षा हो सकती है. मौसम विभाग ने भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.

5 और 6 जुलाई को झारखंड में सभी जगहों पर होगी वर्षा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने कहा है कि 5 और 6 जुलाई को झारखंड में लगभग सभी जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है. साथ ही कहा है कि शुक्रवार (5 जुलाई) को सूबे के उत्तर-पूर्वी और उससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है.

5 दिन तक झारखंड के अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं

मौसम विभाग के मुताबिक, 5 जुलाई को रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिले में कहीं-कहीं गरज के साथ भारी बारिश होगी. हालांकि, अगले 5 दिनों में झारखंड के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं दिख रही है.

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अगले 4-5 दिन तक कैसा रहेगा रांची का मौसम

राजधानी रांची के अधिकतम तापमान में अगले 4-5 दिन में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, लेकिन न्यूनतम तापमान में कोई परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. मौसम वैज्ञानिक ने कहा है कि 5 जुलाई को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेंटीग्रेड से घटकर 29 डिग्री हो जाएगा. फिर 6 जुलाई को अधिकतम तापमान 28 डिग्री तक गिर जाएगा.

रांची में 8 जुलाई तक बारिश का अनुमान

इसके बाद तापमान में मामूली वृद्धि होगी और यह फिर 29 डिग्री सेंटीग्रेड हो जाएगा. 7 और 8 जुलाई को रांची का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा. मौसम विभाग के मुताबिक, 5 और 6 जुलाई को आसमान में बादल छाये रहेंगे. मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. 7 जुलाई को एक-दो बार हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है. 8 जुलाई को भी रांची में बारिश का अनुमान है.

झारखंड में अब भी 50 फीसदी कम बरसा मानसून

झारखंड में पिछले 2-3 दिनों में मानसून की बारिश से वर्षा की कमी की भरपाई हुई है. बावजूद इसके अभी भी सामान्य से 50 फीसदी कम बारिश हुई है. झारखंड में अब तक 112.4 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि 1 जून से 4 जुलाई के बीच प्रदेश में 226.3 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी. इस तरह झारखंड में मानसून की बारिश सामान्य से कम है. अब 24 में 8 जिले ऐसे हैं, जहां स्कैंडी यानी सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है.

गढ़वा में हुई सबसे ज्यादा 48.5 मिलीमीटर वर्षा

पिछले 24 घंटे के दौरान हुई बारिश की बात करें, तो झारखंड में लगभग सभी जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. सबसे ज्यादा 48.5 मिलीमीटर वर्षा रामगढ़ में रिकॉर्ड की गई. पलामू में 34.5 मिमी, सिमडेगा में 9.5 मिमी, गढ़वा में 5.5 मिमी और खूंटी में 4.5 मिलीमीटर वर्षा हुई. इस दौरान सबसे अधिक उच्चतम तापमान 34.9 डिग्री सेंटीग्रेड गढ़वा में दर्ज किया गया.

इन 12 जिलों में होगी भारी बारिश

  1. रामगढ़
  2. बोकारो
  3. हजारीबाग
  4. धनबाद
  5. गिरिडीह
  6. कोडरमा
  7. देवघर
  8. जामताड़ा
  9. दुमका
  10. पाकुड़
  11. गोड्डा
  12. साहिबगंज

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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