भाकपा स्वतंत्रता सेनानियों की है पार्टी, नयी पीढ़ी को इतिहास जानना जरूरी

नाला. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पार्टी की ओर से भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

– भाकपा के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित, बोले तापस सिन्हा प्रतिनिधि, नाला. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पार्टी की ओर से भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय परिषद सदस्य कन्हाई चंद्र मालपहाड़िया के नेतृत्व में गोपालपुर स्थित प्ले स्कूल मैदान से सैकड़ों कार्यकर्ता आदिवासी पारंपरिक नृत्य करते हुए नाला बाजार का भ्रमण करते हुए पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन पहुंचे. अनिल माजि ने पार्टी का झंडोत्तोलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की. बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह पश्चिम बंगाल के नेता तापस सिन्हा एवं ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र राम उपस्थित थे. तापस सिन्हा ने कहा कि आज हम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 100 वां स्थापना दिवस मना रहे हैं. इसलिए नयी पीढ़ी को पार्टी का इतिहास जानना एवं समझना जरूरी है. कहा कि आज आरएसएस के लोग भी अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं. दोनों के फर्क एवं विचारधारा को जानने की आवश्यकता है. कहा कि भाकपा स्वतंत्रता सेनानियों की पार्टी है. स्वतंत्रता के पश्चात पार्टी देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर लड़ते आ रही है. संविधान निर्माण से लेकर आजादी के बाद देश के विकास में भाकपा अमूल्य योगदान रहा है. स्वतंत्रता संग्राम में काफी तादाद में वामपंथियों ने अपनी कुर्बानी दी है, इतिहास इसका गवाह है. चोराचोरी कांड से लेकर कई प्रमुख आंदोलन में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. ठीक इसके विपरीत राष्ट्रवाद का ढिंढोरा पीटने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग अंग्रेजों की मुखबिरी करते थे. स्वतंत्रता सेनानियों के विरुद्ध गवाही देकर जेल के सलाखों में भिजवाने काम करते थे. देशभक्ति की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों का साथ देकर स्वयं देशद्रोही रही थी. उन्होंने वर्तमान केंद्र सरकार पर निशाना साधा. कहा कि ये सरकार पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है. देश के असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए तरह-तरह समाज को बांटने वाले मुद्दों को उछालकर रही है. अखिल भारतीय युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र राम ने कहा कि भाकपा ने हमेशा से गरीब, वंचित, शोषित वर्गों छात्र नौजवानों की आवाज बुलंद की है. डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए-वन के कार्यकाल में भाकपा ने सूचना का अधिकार, खाद्य सुरक्षा कानून एवं मनरेगा कानून को पारित कराकर देश के लोगों को एक अच्छा सुरक्षा कवच प्रदान किया, लेकिन वर्तमान सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर इसे समाप्त करने के लिए नया बिल पारित किया. कन्हाई चंद्र मालमहाड़िया ने कहा कि देशभर में इन दिनों नाम बदलने की राजनीति चल रही है. यहां के लोगों के खुशहाल जिंदगी के लिए भाकपा के स्थानीय नेताओं ने काफी कुछ किया है. डॉ विश्वेश्वर खां, शत्रुघ्न बेसरा, सत्यपद मंडल, विभुति मंडल, चमक हेंब्रम, शांतपद पाल, वासुदेव बेसरा, हीरालाल माजि, गुरुपद मंडल जैसे कार्यकर्ताओं ने आजीवन लोगों की समस्याओं को लेकर आंदोलन किया है. आज उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर पार्टी को मजबूत करना समय की मांग है. मौके पर पशुपति कोल, जिलाध्यक्ष गौर रवानी, विमलकांत घोष, तुषारकांत मंडल, कालीपद राय, आयन चंद्र माजी, सुदन मुर्मू, मिहिर मंडल, निमाई माल पहाड़िया, अहिल्या माल पहाड़िया, गोपीनाथ घोष, तन्मय घोष, बबलू डोकानिया, सोनहरी हेंब्रम, आनंद मंडल सहित अन्य थे.

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Published by: Jiyaram murmu

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