भागवत कथा मन, वचन और कर्म को शुद्ध करता है : तान्या शरण

विद्यासागर. करमाटांड़ में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा जारी है. गुरुवार को तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का संगम देखने को मिला.

– करमाटांड़ में भागवत कथा के तीसरे दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब प्रतिनिधि, विद्यासागर. करमाटांड़ में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा जारी है. गुरुवार को तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का संगम देखने को मिला. सुबह से ही आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे. कथावाचिका तान्या शरण ने मंगलाचरण की स्तुति के साथ कथा का शुभारंभ किया. उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डाला. कहा कि यह ग्रंथ केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सार्थक दिशा देने वाला दिव्य धरोहर है. कहा कि भागवत कथा मन, वचन और कर्म को शुद्ध करती है. पारिवारिक और सामाजिक जीवन में समरसता स्थापित करता है. तान्या शरण ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप के प्रसंग का वर्णन किया. उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया. कथा के दौरान कई बार ऐसा लगा मानो पूरा परिसर भक्तिरस में डूब गया हो. महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे कथा के हर प्रसंग श्रद्धा से सुनते रहे. कथा के साथ-साथ भजन-कीर्तन ने भी वातावरण को ओर अधिक मनमोहक बना दिया. कथा पंडाल में सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्वयंसेवक लगातार सक्रिय रहे. शुक्रवार को कथा में गोवर्धन लीला और श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया जायेगा.

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Published by: Jiyaram murmu

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