अभिवंचित बच्चों के लिए मसीहा बने शिक्षक डाॅ अरुण

शिक्षक डॉ अरुण कुमार वर्मा विगत कई वर्षों से देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को व्यक्तिगत तौर पर विद्यालयों से जोड़ने का काम कर रहे हैं.

जामताड़ा. यह सर्वमान्य तथ्य है कि देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा बच्चों का है. किंतु दुर्भाग्यवश इसी हिस्से को अमानवीय और असहनीय व्यवहार को झेलना पड़ता है. इसका कारण अशिक्षा, गरीबी और योजनाओं तक अभिवंचित बच्चों की पहुंच का ना होना है. जिले में ऐसे ही बच्चों के लिए व उनकी जरूरतों के हिसाब से सेवा प्रदान करना तथा उनकी पहुंच सरकार की योजनाओं तक बनाना है. ज्ञात हो कि शिक्षक डॉ अरुण कुमार वर्मा विगत कई वर्षों से देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को व्यक्तिगत तौर पर विद्यालयों से जोड़ने का काम कर रहे हैं. इस संदर्भ में बाल संरक्षण इकाई के भी संपर्क में आये, किंतु अपेक्षाकृत सहयोग नहीं मिलने के कारण वह व्यक्तिगत स्तर पर बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का काम कर रहे हैं. ताकि यथासंभव ड्रॉप आउट होने से बच्चों को रोका जा सके. 18 वर्ष पूर्ण कर चुके अभिवंचित बच्चे जो पढ़ने के इच्छुक हैं, उनके लिए भी बाल कल्याण समिति एवं संदर्भ संस्था मिरेकल फाउंडेशन से लगातार संपर्क में हैं. बच्चों की सूची उपलब्ध करवा रहे हैं.

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